Wednesday, July 6, 2016

April Fool Ideas in Hindi

अप्रैल फूल बनाने के तरीके. How to Make Fool Ideas in Hindi. Happy 1st April Day, Murkh Diwas, Funny Tips, Making Jokes, Pranks Tricks, Status, Sms, Messages.

कुछ अप्रैल फूल अच्छे होते है न?

दृश्य : 1

तुम अपने घर गए हुए थे और यहाँ मैं तुम्हारे वापस लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। जाने क्यों उन दिनों एक अजीब सी उदासी और बैचेनी ने मुझे घेर लिया था। शायद भविष्य अवचेतन में उतरने लगा था। दोस्त, पढ़ाई, कॉलेज कुछ भी काम नहीं कर रहा था, और रह-रहकर तुम्हारी याद आती और मैं रोने लगती। तुम्हारे सामने भी तो फोन पर कितना रोई थी। कुछ दिनों के इंतजार के बाद एक दिन जब तुम्हारा लौटना तय था तो तुमने अचानक कॉल करके कहा कि किसी जरुरी काम में फंस जाने की वजह से तुम आज नहीं आ रहे हो और कुछ दिन बाद आओगे। उदासी, तड़प और इंतजार को मजाक भला कहाँ रुचते हैं? मन तो जान ही गया था कि मुझे तंग करने का यह फिर तुम्हारा कोई बहाना है...सो मैंने भी कह दिया, ‘मैं आज ही घर जा रही हूँ। यहाँ मेरा जरा भी मन नहीं लग रहा।’ जो कहा वह इतने विश्वास और दृढ़ता से कहा कि तुम घबरा गए। मुझे बेवकूफ बनाने और तंग करने का तुम्हारा जो बड़ा सा प्लान था उसे भूलकर तुम एकदम से बोल पड़े, ‘अरे! तुम कहीं चले मत जाना। मैं मजाक कर रहा था। मैं आज ही आ रहा हूँ...और मैं आंसुओं से भरी आँखों के साथ हँसते हुए बोल पड़ी, ‘यू अप्रैल फूल! मैं तो कहीं नहीं जा रही थी।’ :p :)

दृश्य : 2

तुम्हें फिर एक मौका मिला। फिर तुम शहर से बाहर थे। इस बार रोई तो नहीं थी लेकिन शायद मन तुम्हारे बिना कहीं लगना भूल चुका था। तुम्हें याद है उन दिनों एग्जाम्स चल रहे थे। तुम्हारा और मेरा मेन स्ट्रीम एक ही था और हमारा पेपर कुछ दिन बाद था, तब ही तुम आने वाले थे। लेकिन तुम्हारे एक दोस्त का पेपर अगले ही दिन था। उसके साथ मिलकर मुझे चौंका देने की प्लानिंग तुम कर चुके थे। अगले दिन सुबह 6 बजे तुम्हारे दोस्त का कॉल आया, ‘मुझे IMSA पढ़नी है। अभी आ जाओ यहाँ?’ तबियत ठीक नहीं थी और इतनी सुबह वहां जाने का मन भी नहीं था, जहाँ तुम्हारे न होने से कुछ अच्छा भी नहीं लगेगा। मैंने थोड़ी आनाकानी की। लेकिन दोस्त ने कहा, ‘3 घंटे बाद पेपर है, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा। फेल हो जाऊँगा।’ मैं मना नहीं कर सकती थी और अनमने मन से वहां आ गयी। वह तैयार होने जा रहा था और मुझे रूम में बैठने को कहा।जैसे ही रूम खोला मैं चौंक पड़ी। वहां पर कृष्ण कन्हैया की सी मुस्कान लिए तुम बैठे थे। आँखें फिर आंसुओं से भर आई और मन जो कुछ देर पहले अनमना सा था फूलों सा खिल उठा और होठों पर तैर आई ढेर सारी हँसी...पीछे खड़े मुस्कुराते तुम्हारे दोस्त को इन आँखों ने थैंक यू कहा। क्योंकि कुछ अप्रैल फूल अच्छे होते है न? :)

By Monika Jain ‘पंछी’
 
April fools are good if they can bring smile on the face of our beloved ones. Feel free to share more ideas or experiences of 1st april via comments.