Friday, April 29, 2016

Poem on Ant in Hindi

Poem on Ant in Hindi for Kids. Cheenti par Kavita, Insects Rhymes, Chinti, Emmet, Burrow, Ants, Animal Welfare Poetry, Abhay Daan Slogans, Jeev Daya Lines, Shayari. चींटी पर कविता, अभय दान, जीव दया.

शरण
 
रसोई में कुछ करते हुए
अचानक पाँव पर हुई
तेज, असहनीय,
कंटीली चुभन!


मन ने उस क्षण के
छोटे से हिस्से में
दर्द के अहसास और
चींटी के अनुमान से लेकर
उसे तेजी से हटा देने को
बढ़ा दिए थे हाथ
बन उसका कफ़न!


पर समीप पहुंचकर अचानक
ठिठक गया मेरा हाथ!
सोचा यह कुछ अन्याय होगा
उस अबोध के साथ!


उजाले में जाकर उसे
हल्के हाथ से हटाया,
और फिर थोड़ा
अपने पाँव को सहलाया।


इतनी सी गलती की सजा
नहीं हो सकती न
किसी के जीवन का वरण!
संभव हो जितना भी
मिले सबको ही शरण!

By Monika Jain ‘पंछी’