Sunday, April 3, 2016

Poem on Rainbow in Hindi

Poem on Rainbow in Hindi for Kids. Seven Colours Poetry, Indradhanush ke Saat Rang Kavita, Reflection Refraction of Light Rhymes, Indra Dhanush Shayari. इन्द्रधनुष के सात रंग पर कविता. रेनबो शायरी.

इन्द्रधनुष
 
वो बारिश की बूँदें थी दर्पण 
जिनसे विक्षेपित हो पाया 
सूर्य की किरणों ने अपनी 
सतरंगी संभावनाओं का संसार!
उस प्रकाश में था सब रंगों का सार!!
 
हम सब भी तो हैं परछाईयाँ 
उसी एक परम, असीम, अदृश्य स्त्रोत की!
रंग और रूप हो चाहे जितने भी भिन्न 
पर सवारियां हैं हम सब एक ही जलपोत की!!
 
देखो जरा उस इन्द्रधनुष को,
समेटे हुए हैं अपने सातों रंगों को यूँ 
जैसे ली हो सात बच्चों ने संग-संग ही किलकारियां! 
इसने नहीं किया खुद से किसी भी रंग को जुदा
क्योंकि बेजोड़ है उसका सौन्दर्य
जिसमें गुल जाए सारी असंगतियाँ!!
 
तो क्यों न मिलकर बना ले हम
यह सारी दुनिया ही कुछ यूँ बेजोड़! 
कि बन न सके कोई इसका तोड़!!

सौन्दर्य न हो जहाँ बिखरा-बिखरा,
दूर-दूर छितरा-छितरा!
ईर्ष्या, नफरत संग गुल जाए दुश्वारियाँ सारी 
और प्रेम के गीतों से हो पुलकित
समूची यह वसुंधरा!!

By Monika Jain ‘पंछी’

How is this poem about rainbow of love?