Sunday, September 4, 2016

Anmol Vichar in Hindi

अनमोल विचार, आदर्श वाक्य, अमूल्य वचन, बहुमूल्य कथन. Anmol Vichar in Hindi. Adarsh Vakya, Amulya Vachan, Bahumulya Kathan, Priceless, Precious, Valuable Messages.

Anmol Vichar / अनमोल विचार
 
  • पूर्ण स्वीकार का क्षण ही पूर्ण निस्तार का क्षण होता है। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • सवालों के जवाब जानते-जानते एक दिन हमें यह भी जानना होता है कि सवाल सवाल नहीं है।~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • जब तक क्लास में चैप्टर पढ़ते समय अंडा, मांस-मछली जैसे शब्दों पर घिन्न महसूस होती रहे और यह हमें हमारी अहिंसा लगे तब तक हमने अहिंसा का सही अर्थ नहीं समझा है। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • जातियां बनाना हम इंसानों की फितरत है। हम हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई नहीं बनायेंगे तो आस्तिक और नास्तिक बना देंगे, वामपंथ और दक्षिणपंथ बना देंगे, शिक्षित और अनपढ़ बना देंगे and so on.... खैर हमने भाषाएँ बनायी है तो उसका उपयोग तो करेंगे ही। सबसे विकसित मस्तिष्क पाया है तो उसका भी उपयोग करेंगे ही। बस इतना भर ख़याल रहे कि किसी भी शब्द से हम इतना अधिक न जुड़ जाएँ कि वह शब्द ही हमारा विधाता बन जाए। उपयोग ठीक है, दुरूपयोग करते समय बार-बार हजार बार सोचना। :) ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • जब हमारी श्रेष्ठता किसी को नीचा दिखाने से सम्बंधित हो जाती है तो वह श्रेष्ठता नहीं वरन कुंठा होती है। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • प्रकृति के संरक्षण के लिए मिट्टी के गणेश जी के विसर्जन की बात चल रही है। बहुत अच्छी बात है। (बुरी बात यह है कि पहले आग लगाओ और फिर कुआँ खोदो।) खैर! यहाँ तो मिट्टी ही गणेश जी है। विसर्जित क्या करें। ~ Monika Jain ‘पंछी’
  • लेखक/वक्ता के रूप में जब कदम-कदम पर शब्दों की सीमा का भान होने लगता है...और पाठक/श्रोता के रूप में जब चंद शब्द ही असीमित की झलक देने लगते हैं...तब-तब हमारी यात्रा की दिशा स्वयं की ओर होती है। ~ Monika Jain ‘पंछी’  
  • अपराध होने ही न देना, उसके लिए सजा देने से कहीं बेहतर है। ~ अज्ञात / Unknown  
  • लगातार बीते समय के बारे में सोच-सोचकर अक्सर हम लोग अपना आने वाला भविष्य बिगाड़ बैठते हैं। ~ पर्सियस / Perseus  
  • श्रद्दालु पुरुष ही ज्ञान प्राप्त कर सकता है और ज्ञान प्राप्त होने पर ही इन्द्रियों की संयम-साधना हो सकती है। ~ गीता / Geeta  
  • जितने भी संयोग सम्बन्ध है वे सब अनित्य है। ~ अज्ञात / Unknown  
  • यह सबसे बड़ा आश्चर्य है कि व्यक्ति को स्वयं का अपराध, अपराध नहीं लगता। ~ अज्ञात / Unknown  
  • जो भी तुमसे मांगता है उसे दो, जो तुम्हारा सामान ले जाएँ उनसे दुबारा मत पूछो और जैसा व्यवहार तुम उन लोगों से चाहते हो, वैसा उनके साथ करो। ~ जीसस / Jesus
  •  भला मानव स्वतंत्रता की ह्रदय से चाह रखता है। शेष लोग तो स्वछंदता प्रेमी होते हैं। ~ जॉन मिल्टन / John Milton  
  • योग्यता को छिपाने की कला जानना ही सच्ची योग्यता है। ~ फ्रेंकोइस डे ला रोशेफोकोल्ड / Francois De La Rochefoucauld  
  • मनुष्य अपने गुणों से आगे बढ़ता है न कि दूसरों की कृपा से। ~ लाला लाजपतराय / Lala Lajpat Rai  
  • मनसा, वाचा, कर्मणा किसी को दुःख न पहुंचाओं। क्रोध को क्षमा से, विरोध को अनुरोध से, घृणा को दवा से और द्वेष को प्रेम से जीतो। ~ Maharshi Dayanand Saraswati / महर्षि दयानंद सरस्वती  
  • चन्द्रमा अपना प्रकाश सारे आकाश में फैलाता है, परन्तु अपना कलंक अपने ही भीतर रखता है। ~ रवीन्द्र नाथ टैगोर / Rabindranath Tagore 

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