Friday, June 24, 2016

Misunderstanding Quotes in Hindi

ग़लतफ़हमी. Misunderstanding Quotes in Hindi. Galatfahmi Status, Misconception Sms, Fallacy Messages, Misinterpretation Quotations, Sayings, Slogans, Proverbs.
 
Misunderstanding Quotes

  • बड़ी समस्या है...भाषा की सीमाएँ नहीं कर पाती मंतव्य को पूरी तरह स्पष्ट और फिर कई बार होने लगते हैं अर्थ के अनर्थ। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • भाषा की सीमायें जो नहीं समझते...उनके पास तर्काभासों का ढेर होता है...और यहाँ भाषा की सीमा का आशय केवल भाषा की शिष्टता व मर्यादा से नहीं, कुछ भी अभिव्यक्त कर पाने में भाषा की कमियों से भी है। ऐसे में मुख्य बात होती है भावार्थ तक पहुँच पाना। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • फेसबुक के कुछ नेगेटिव इफेक्ट्स में से एक जो मुझे सबसे बुरा लगता है, वह है गलतफहमियों को बढ़ावा देना। जितने भी सालों से फेसबुक पर हूँ एक चीज कई बार महसूस की है कि पोस्ट क्या सोचकर लिखी जाती है लेकिन क्या समझकर ले ली जाती है। सिर्फ एक सामान्य विचार को कई बार व्यक्तिगत आक्षेप समझकर ले लिया जाता है। यह अनुभव सभी लोगों का होगा? जहाँ तक मेरा सवाल है व्यक्तिगत टिपण्णी करने वाली पोस्ट सामान्यत: मैं नहीं करती, जो भी लिखती हूँ वह लम्बे समय का ऑब्जरवेशन या अनुभव होता है, जो इत्तेफाक़न कभी-कभी उस समय भी शब्द रूप में आ जाता है जब वैसी ही कोई बात फिर दोहराई गयी हो। लेकिन नफरत, द्वेष या किसी को नीचा दिखाना उसका उद्देश्य बिल्कुल नहीं होता। व्यक्तियों से कोई समस्या सामान्यतया नहीं होती इसलिए ही अनफ्रेंड या ब्लॉक करने की जरुरत भी बहुत कम पड़ती है। लेकिन यह गलतफहमियों को बढ़ावा मिलते देखना और आपसी मनमुटाव और द्वेष का बढ़ना एक अच्छा संकेत नहीं है। विचारों को बस विचारों की तरह लीजिये। उनसे प्रभावित होते हैं तो उन्हें अपनाइए...और पसंद न आये तो अपने विचार बताइये या इग्नोर कीजिये, लेकिन गलतफहमियां मत पालिए। फेसबुक अगर नफरत बढ़ाने का कारण बनता है तो फिर इसके होने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इसे प्रेम बढ़ाने का साधन बनाइये, नफरत फ़ैलाने का नहीं। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • उफ़! ये अकाउंट डीएक्टिवेट करो, तो दस लोग सोचने लगते हैं कि हमें ब्लॉक कर दिया। इतने दिन से पढ़ रहे हैं पर इतना सा नहीं जानते?...और मुझ पर भरोसा नहीं तो न सही, कम से कम खुद पर तो भरोसा हो। ~ Monika Jain ‘पंछी’

How are these quotes about misunderstanding?