Saturday, June 4, 2016

Poem on Patience in Hindi

धैर्य पर कविता, धीरज शायरी. Poem on Patience in Hindi. Dhairya par Kavita. Patient Listening is an Art Poetry, Dheeraj Shayari, Listen Patiently, Hearing Lines.

जब मैं सुनती हूँ...
 
जब मैं सुनती हूँ
तो सिर्फ तुम्हें सुनती हूँ।
 
तुम्हारे शब्द-शब्द 
को आत्मसात करता मेरा मन!
 
नहीं होती कोई अधीरता
नहीं होती आगे जानने की 
उत्साह भरी प्रतीक्षा
और न ही ऊब से भरी नीरसता। 
 
नहीं होता कोई प्रशंसा का भाव
नहीं होती कोई आलोचना
और न कोई सलाह या 
मशविरा ही।
 
मूल्याङ्कन की गणित से 
कौसो दूर 
नहीं निकालती मैं 
कहीं कोई भी निष्कर्ष...
 
जब मैं सुनती हूँ
तब सिर्फ तुम्हें सुनती हूँ।

By Monika Jain ‘पंछी’

How is this poem about patient listening?