Wednesday, June 8, 2016

Pyar ki Kavita in Hindi

प्रीत पर कविता, हिंदी प्रेम शायरी, प्यार की परिभाषा. Pyar par Kavita in Hindi. Prem ki Paribhasha, Preet Shayari, What is Love Poem, Pyaar Poetry, Affection.

करोगे कैसे प्रीत?
 
तुम इतने भयभीत
करोगे कैसे प्रीत?

प्रेम नहीं है काम ह्रदय का
जिसमें बसता भय हो
प्रेम चुनेगा वही ह्रदय
जिसके पास अभय हो।

तुम इतने विपरीत
करोगे कैसे प्रीत?

प्रेम विसर्जन अहंकार का
प्रेम सृजन है निराकार का
प्रेम है खोना सब कुछ अपना
प्रेम है जगना, प्रेम है तपना।

अहम् तुम्हारा मीत
करोगे कैसे प्रीत?

प्रेम सरलता का दर्पण है
प्रेम सहजता को अर्पण है
प्रेम आप को अपना तर्पण
यह सर्वस्व समपर्ण है।

कठिन तुम्हारे गीत
करोगे कैसे प्रीत?

प्रेम है जीवन से भर जाना
पर मृत्यु से न घबराना
प्रेम सुलझना और सुलझाना
जग का ताना-बाना।

जटिल तुम्हारी रीत
करोगे कैसे प्रीत?

By Monika Jain ‘पंछी’

How is this hindi poem about love?