Sunday, July 31, 2016

Casteism Quotes in Hindi

भेदभाव, जातिवाद, रंगभेद, अस्पृश्यता. Casteism Quotes in Hindi. Caste Race Discrimination, Racism, Divide & Rule, Varna System, Untouchability, Class Inequality.

Casteism Quotes

  • ‘फूट डालो, राज करो’ का दंश हम लम्बे समय तक विदेशी ताकतों का गुलाम बनकर झेल चुके हैं। अब देश के भीतर ही देश के अनेकों दुश्मन पैदा हो गए हैं, जो सिर्फ अपने व्यक्तिगत हितों के लिए फिर हमें बांटकर लड़वाना चाहते हैं, और इन दंगों की आग में अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेकना चाहते हैं। 
  • बहुत सोचे-समझे तरीके से हर बात में जाति और धर्म को घुसेड़ दिया जाता है। जातिगत जनगणनाओं का उद्देश्य भी शायद जाति सम्बन्धी आंकड़ों को प्राप्त कर अपनी राजनैतिक लालसाओं को मूर्त रूप देना ही हो।  
  • वर्गों, जातियों, धर्मों और समुदायों में बँटकर कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता. पर राजनैतिक पार्टियाँ अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए डिवाइड एंड रूल का गेम बहुत शातिर तरीके से खेलती आई हैं। राजनेताओं के मंसूबे तो पूरे हो जाते हैं पर जातिगत आरक्षण में फायदा देखने वाले ये भूल जाते हैं कि आरक्षण का लाभ भी उचित दावेदार को नहीं मिल पाता। यहाँ भी दबंगई और पैसे की ताकत ही काम करती है।  
  • ‘फूट डालो और राज करो’ एक ऐसी रणनीति है जो विभिन्न देशों के बीच, देशों के विभिन्न क्षेत्रों के बीच, राजनीति में, समाज में, धर्म में, एक ही समुदाय या जाति में और यहाँ तक कि एक परिवार में भी अपने स्वार्थों को सिद्ध करने के लिए एक व्यक्ति विशेष या कुछ व्यक्तियों के समूह द्वारा अपनाई जाती है। अक्सर कारगर भी सिद्ध होती है।  
  • जब तक पूरे दिन भर जाति-जाति करते रहोगे तब तक तो जाति कभी नहीं जाने वाली।
  • आग लगने के बाद आग में घी डालने वालों! जलाने में आग भेदभाव नहीं करती...वह बस अपना धर्म निभाती है। 
  • आसपास के बच्चों के खेलने के लिए जिद करने पर कई बार उनके साथ कार्ड्स खेलना भी होता है। उसमें एक गेम है 'ब्लैक क्वीन'। उसमें सब ब्लैक क्वीन से कितना डरते हैं। एक दिन फील हुआ इस ब्लैक क्वीन के साथ कितना रंगभेद हो रहा है। :p और फिर बच्चे इसी तरह तो बचपन से ही ये सारे भेदभाव सीख जाते हैं। इसलिए मैं बदल-बदल कर 'रेड क्वीन' भी खेल लेती हूँ उनके साथ। अब से ब्लैक और रेड किंग भी खेला करुँगी। :p :)  
  • भेदभाव तो हर जगह है। हमने कई ऐसे मापदंड बना लिए है जो भेदभाव को पोषित करते हैं, किसी को बेहतर तो किसी को कमतर सिद्ध करते हैं...और जिसे कमतर देखा जाएगा, उसका शोषण होगा ही। पर सारी समस्यायों की जड़ हमारी सोच में है, जिस पर कई कारकों का प्रभाव पड़ता है। हम जैसे वातावरण में रहेंगे वैसी ही हमारी सोच होगी। बहुत कम लोग होते हैं जो अपने परिवेश से प्रभावित हुए बिना अपनी अलग सोच और दृष्टि बना पाते हैं। हमें बस उसी सोच और दृष्टि को विकसित करने की जरुरत है जो सम्यक हो, भेदभाव से रहित हो, मानव को सबसे पहले मानव समझे। मानव मूल्यों का आजकल मजाक उड़ाया जाता है, पर कहीं ना कहीं सारी समस्यायों का कारण उनका ह्रास ही है। 
  • पहले भिन्नता को भेदभाव का आधार बनाना और फिर समानता के लिए संघर्ष...कहीं कुछ चूक रहा है। समानता संभव नहीं है। मुक्ति भेदभाव से चाहिए...अनूठेपन से नहीं।
  • किसी को भी भगवान् या शैतान बना देने की जल्दी जितनी जल्दी छूट जाए... बेहतर है इस दुनिया के लिए और हमारे लिए भी।

By Monika Jain ‘पंछी’

Feel free to add your views or more quotes about discrimination via comments.