Sunday, July 17, 2016

Poem on Ganga River in Hindi

गंगा नदी पर कविता, भागीरथी शायरी. Poem on Ganga River in Hindi for Kids. About Ganges, Bhagirathi Nadi par Kavita, Poetry, Slogans, Lines, Rhymes, Shayari.

 
Poem on Ganga River in Hindi
 
(1)

गंगा

इतना तरल हो जाऊँ
इतना विस्तृत हो जाऊँ
जितनी चपल हो
उतना शांत हो जाऊँ।
गंगा!
थोड़ा सा उतर आओ मेरे भीतर।

By Aman Tripathi

(2)

गंगा के प्रति

अखण्ड राग कोई चलता हो अनन्त तक
तिरता है मन गंगा की लहरों की तरह तरंगवत्
नेत्रगोलक की सीमा भर दृश्य पर्याप्त हैं
नृत्य करने पर विवश कर देने को गंगा
यूँ ही तो नहीं बहती…!

By Aman Tripathi

(3)

सिक्के की कीमत

ट्रेन पुल के ऊपर से गुजर रही थी।
कोई बोला -
ये काशी नदी है।
दूसरे ने कहा -
काशी नदी में सिक्का फेंक दो।
एक ने सिक्का फेंका
दूसरे ने प्रणाम किया।
मैं देख रहा था दूर
कि अभी कोई तैराक
तुलसी घाट से
'महादेऽऽऽऽव' बोलते हुए कूदेगा
और मैं बनारस जी लूंगा...
उस फेंके हुए सिक्के की कीमत दे के।

By Aman Tripathi

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