Wednesday, September 21, 2016

Poem on Peace in Hindi

विश्व शांति दिवस पर कविता, अंतरराष्ट्रीय अमन, सुकून शायरी. Poem on International Peace Day in Hindi. Peaceful Inner World Poetry Lines, Harmony Rhymes, Slogans.

शांति कैसे हो?

शांति कैसे हो?
भीतर कोलाहल, बाहर कोलाहल
भीतर का शोर पहुँचता है बाहर
बाहर का शोर पहुँचता है भीतर
चक्र कैसे टूटे?
सम्बन्ध कैसे छूटे?

अलग कर देना खुद को
शोर और श्रोता से,
बन जाना मात्र साक्षी
मन अंकित करेगा ध्वनियों को
कान सुनेंगे आवाजें सारी...
पर तुम न मन बनना
और न ही कान
तुम बन जाना बस एक प्रमाण!

वह प्रमाण जो प्रभावों से हैं शून्य
जो नहीं बहता संग आवाजों के...
विस्फोटों के बीच भी
जो बचा पाता है अपनी कांति
बस वही लाएगा जीवन में
प्रेम और शांति।
बस वही लाएगा जीवन में
प्रेम और शांति।

By Monika Jain ‘पंछी’

Feel free to add your views about this poem on peace.