Sunday, July 31, 2016

Casteism Quotes in Hindi

भेदभाव, जातिवाद, रंगभेद, अस्पृश्यता. Casteism Quotes in Hindi. Caste Race Discrimination, Racism, Divide & Rule, Varna System, Untouchability, Class Inequality.

Casteism Quotes

  • ‘फूट डालो, राज करो’ का दंश हम लम्बे समय तक विदेशी ताकतों का गुलाम बनकर झेल चुके हैं। अब देश के भीतर ही देश के अनेकों दुश्मन पैदा हो गए हैं, जो सिर्फ अपने व्यक्तिगत हितों के लिए फिर हमें बांटकर लड़वाना चाहते हैं, और इन दंगों की आग में अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेकना चाहते हैं। 
  • बहुत सोचे-समझे तरीके से हर बात में जाति और धर्म को घुसेड़ दिया जाता है। जातिगत जनगणनाओं का उद्देश्य भी शायद जाति सम्बन्धी आंकड़ों को प्राप्त कर अपनी राजनैतिक लालसाओं को मूर्त रूप देना ही हो।  
  • वर्गों, जातियों, धर्मों और समुदायों में बँटकर कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता. पर राजनैतिक पार्टियाँ अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए डिवाइड एंड रूल का गेम बहुत शातिर तरीके से खेलती आई हैं। राजनेताओं के मंसूबे तो पूरे हो जाते हैं पर जातिगत आरक्षण में फायदा देखने वाले ये भूल जाते हैं कि आरक्षण का लाभ भी उचित दावेदार को नहीं मिल पाता। यहाँ भी दबंगई और पैसे की ताकत ही काम करती है।  
  • ‘फूट डालो और राज करो’ एक ऐसी रणनीति है जो विभिन्न देशों के बीच, देशों के विभिन्न क्षेत्रों के बीच, राजनीति में, समाज में, धर्म में, एक ही समुदाय या जाति में और यहाँ तक कि एक परिवार में भी अपने स्वार्थों को सिद्ध करने के लिए एक व्यक्ति विशेष या कुछ व्यक्तियों के समूह द्वारा अपनाई जाती है। अक्सर कारगर भी सिद्ध होती है।  
  • जब तक पूरे दिन भर जाति-जाति करते रहोगे तब तक तो जाति कभी नहीं जाने वाली।
  • आग लगने के बाद आग में घी डालने वालों! जलाने में आग भेदभाव नहीं करती...वह बस अपना धर्म निभाती है। 
  • आसपास के बच्चों के खेलने के लिए जिद करने पर कई बार उनके साथ कार्ड्स खेलना भी होता है। उसमें एक गेम है 'ब्लैक क्वीन'। उसमें सब ब्लैक क्वीन से कितना डरते हैं। एक दिन फील हुआ इस ब्लैक क्वीन के साथ कितना रंगभेद हो रहा है। :p और फिर बच्चे इसी तरह तो बचपन से ही ये सारे भेदभाव सीख जाते हैं। इसलिए मैं बदल-बदल कर 'रेड क्वीन' भी खेल लेती हूँ उनके साथ। अब से ब्लैक और रेड किंग भी खेला करुँगी। :p :)  
  • भेदभाव तो हर जगह है। हमने कई ऐसे मापदंड बना लिए है जो भेदभाव को पोषित करते हैं, किसी को बेहतर तो किसी को कमतर सिद्ध करते हैं...और जिसे कमतर देखा जाएगा, उसका शोषण होगा ही। पर सारी समस्यायों की जड़ हमारी सोच में है, जिस पर कई कारकों का प्रभाव पड़ता है। हम जैसे वातावरण में रहेंगे वैसी ही हमारी सोच होगी। बहुत कम लोग होते हैं जो अपने परिवेश से प्रभावित हुए बिना अपनी अलग सोच और दृष्टि बना पाते हैं। हमें बस उसी सोच और दृष्टि को विकसित करने की जरुरत है जो सम्यक हो, भेदभाव से रहित हो, मानव को सबसे पहले मानव समझे। मानव मूल्यों का आजकल मजाक उड़ाया जाता है, पर कहीं ना कहीं सारी समस्यायों का कारण उनका ह्रास ही है। 
  • पहले भिन्नता को भेदभाव का आधार बनाना और फिर समानता के लिए संघर्ष...कहीं कुछ चूक रहा है। समानता संभव नहीं है। मुक्ति भेदभाव से चाहिए...अनूठेपन से नहीं।
  • किसी को भी भगवान् या शैतान बना देने की जल्दी जितनी जल्दी छूट जाए... बेहतर है इस दुनिया के लिए और हमारे लिए भी।

By Monika Jain ‘पंछी’

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Saturday, July 30, 2016

Courage Quotes in Hindi

साहस पर वाक्य. वीरता. Courage Quotes in Hindi. Encouraging, Bravery, Courageous, Encouragement, Being Brave, Adventure, Daring, Boldness, Sahas Veerta Slogans.

Courage Quotes

  • बुरे के बुरे वक्त में पानी पी-पीकर उसे बुरा-बुरा कहकर कोसने वाले हजारों चूहे बिलों से निकल आते हैं, पर अफ़सोस ऐसे शेर नज़र नहीं आते जो बुरे के अच्छे वक्त में भी उसके खिलाफ बोल सके। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • मानव ह्रदय में साहस बोने वाला व्यक्ति सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक है। ~ कार्ल वोन नेबेल / Karl Von 
  • खतरे में हिम्मत रखना आधी लड़ाई जीतने जैसा है। ~ टाइटस मेक्सियस प्लौटस / Titus Maccius Plautus 
  • किसी आदमी के लिए ठीक नहीं है कि वह परिस्थितियों की शिकायत करे, बल्कि वह परिस्थितियों को वीरता के साथ स्वीकार करे, संघर्ष करे और उन पर विजय पाए। ~ जगदीश चन्द्र बोस / Jagdish Chandra Bose  
  • पेड़ों को जानने के बाद मैं धैर्य का अर्थ समझ सकता हूँ और घास को जानने के बाद मैं डटे रहने की सराहना कर सकता हूँ। ~ हेल बार्लेंड / Hal Borland 
  • ना कहने का साहस रखें। सच्चाई का सामना करने का साहस रखें। सही कार्य करें, क्योंकि यह सही है। यह जीवन को सत्यनिष्ठा से जीने की जादुई चाबियाँ है। ~ विलियम क्लेमैन्ट / William Clement 
  • विप्पति मनुष्य को शिक्षा देने वाला श्रेष्ठ गुण है। जो साहस के साथ उसका सामना करते हैं, वे विजयी होते हैं। ~ अज्ञात / Unknown 
  • मेरा दृष्टिकोण तो यही है कि अगर आप इन्द्रधनुष चाहते हैं तो आपको वर्षा तो सहन करनी ही होगी। ~ डॉली पार्टन / Dolly Parton 
  • साहसिक कार्य बड़ा हो या छोटा, उसे कभी दूसरों के बलबूते पर आरम्भ न करो। अपने भरोसे पर पार पाने के लिए गंगा में भी कूद पड़ो, परन्तु दूसरे का भरोसा रखकर घुटनों तक के पानी में भी पाँव न रखो। ~ इंद्र विद्यावाचस्पति / Indra Vidya Vachaspati 
  • साहसी व्यक्ति कभी भी बुरा कार्य नहीं करता। ~ विष्णु प्रभाकर / Vishnu Prabhakar 
  • निराश हुए बिना पराजय को सह लेना, पृथ्वी पर साहस की सबसे बड़ी मिसाल है। ~ इंगरसोल / Ingersoll 
  • सौ वर्ष कायर की तरह जीने से बेहतर है एक वर्ष चीते की तरह जीना। ~ मैडोना / Madonna 
  • साहस और दृढ़ निश्चय जादुई ताबीज हैं, जिनके आगे मुश्किलें दूर हो जाती है और बाधाएं उड़नछू हो जाती है। ~ जे क्यू एडम्स / John Quincy Adams 
  • बंदरगाह में खड़ा जलयान सुरक्षित होता है लेकिन वह वहां खड़े रखने के लिए नहीं बना होता है। ~ थॉमस एक्कीनौस 
  • भाग्य साहसी का साथ देता है। ~ Publius Terence 
  • शौर्य किसी में बाहर से पैदा नहीं किया जा सकता, वह तो मनुष्य के स्वभाव में होना चाहिए। ~ अज्ञात / Unknown 
  • केवल वही व्यक्ति जो दूर जाने का जोखिम उठाते हैं, यह जान लेते हैं कि वे कितनी दूर जा सकते हैं। ~ टी एस एलियट / T S Eliot 
  • जब हम कठिन कार्यों को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हैं और उन्हें ख़ुशी और उत्साह से निष्पादित करते हैं तो चमत्कार हो सकते हैं। ~ अल्बर्ट गिल्बर्ट / Albert Gilbert 
  • केवल वीरता से नहीं, नीतियुक्त वीरता से जय होती है। ~ गुरु गोविन्द सिंह / Guru Gobind Singh 
  • किसी के द्वारा अत्यधिक प्रेम मिलने से आपको शक्ति मिलती है और किसी को अत्यधिक प्रेम करने से आपको साहस मिलता है। ~ लाओ जू / Lao Tzu 
  • घर के पैसे के बल पर प्रथम या दूसरी श्रेणी का घुमक्कड़ नहीं बना जा सकता। घुमक्कड़ को जेब पर नहीं, अपनी बुद्धि, बाहुबल और साहस का भरोसा रखना चाहिए। ~ राहुल सांकृत्यायन / Rahul Sankrityayan
 
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Essay on Healthy Food in Hindi

सात्विक आहार, भोजन. Healthy Food Essay in Hindi. Satvik Aahar, Balanced Diet Importance, Junk Fast Eating Habits, Side Effects on Body & Mind, Health Article.

आहार और मन

हम जो भी आहार ग्रहण करते हैं उसका तन और मन पर प्रभाव पड़ता है। तन पर पड़ने वाला प्रभाव हमें शीघ्र ही नज़र आ जाता है पर मन पर आहार का प्रभाव धीरे- धीरे अदृश्य रूप में पड़ता है जो मन को स्वस्थ और अस्वस्थ बनाता है। काम, क्रोध, लोभ, मोह, जड़ता, आलष्य, प्रमाद, हिंसा, मद ये सभी मानसिक व्याधियां हैं। जब हम सात्विक आहार ग्रहण करते हैं तो ये सब तामसिक प्रवृतियाँ नहीं उभरती।

लेकिन आज हमने आहार के क्षेत्र में स्वाद को सबसे ज्यादा महत्व दे दिया है। आहार का भूख से अब कोई सम्बन्ध नहीं रह गया है। बल्कि वह स्वाद पूर्ति के लिए ग्रहण किया जाता है। आज हर जगह फास्ट फूड का प्रचलन है। ऐसे आहार में प्राणघातक रसायनों का उपयोग होता है, उसे अधिक समय तक टिकाये रखने के लिए जिलेटीन आदि पदार्थों का भी उपयोग होता है जो भविष्य में प्राणघातक सिद्ध होते हैं। यह तामसिक आहार है और इस सड़े-गले, बासी, विकार युक्त, अखाद्य आहार के सेवन से हमारे विचार और हमारा चरित्र भी प्रभावित होता है। कहा भी गया है : जैसा खावे अन्न, वैसा होवे मन और जैसा पीवे पानी, वैसी होवे वाणी।

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Thursday, July 28, 2016

Broad Mindedness Quotes in Hindi

व्यापक विस्तृत सोच, संकीर्ण मानसिकता. Broad Mindedness Quotes in Hindi. Open Close Minded Quotations, Comprehensive Mind Thinking Sms, Narrow Mentality Messages.
Broad Mindedness Quotes in Hindi
Broad Mindedness Quotes

  • जब लिख रही होती हूँ तब अक्सर 'मैं' और 'तुम' सब मिक्स हो रहे होते हैं। याद नहीं रहता कौन मैं है और कौन तुम...पर जब पाठक उन्हें अलग-अलग करके देखने लगते हैं (जो स्वाभाविक है शायद), तब कभी-कभी असहज हो जाती हूँ। पर एक लेखक के लिए इस असहजता से मुक्ति जरुरी है। 
  • प्रकट हो या अप्रकट यह जातीय मानसिकता हर दूसरे व्यक्ति में पायी जाती है जिसके पीछे विलुप्त हो जाते हैं इंसान को इंसान बनाने वाले गुण।  
  • ख़ुशी होती है जब संकीर्णता कम होती दिखती है। पर कभी-कभी इस ख़ुशी पर तेज तमाचा भी पड़ता है, जब पता चलता है कि संकीर्णता खत्म नहीं हो रही, बस उसने आधुनिकता और दिखावे का नया लबादा ओढ़ लिया है। गहराई में जाने पर आधुनिक-खुले विचारों का खोखलापन कहीं-कहीं साफ़ नज़र आ जाता है। बहुत जरुरी है, इस खोखलेपन का भरा जाना।  
  • कई लोग गर्व से कहते है कि वे विस्तृत सोच वाले हैं, पर एक कटु सत्य यह है कि इन ज्यादातर विस्तृत सोच वाले लोगों के दिमाग में विस्तृत सोच की संकीर्ण परिभाषा होती है।  
  • मेरी भाषा-तुम्हारी भाषा, मेरा धर्म-तुम्हारा धर्म, मेरी जाति-तुम्हारी जाति, मेरा देश-तुम्हारा देश.....यह सब संकीर्ण विचारों की पहचान है। विस्तृत सोच वाले व्यक्ति सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को अपना घर मानते है। 
  • काश! संकीर्णता आस्तिकता या नास्तिकता की मोहताज होती। साधुओं के वेश में छिपे असाधुओं के पाखंडों की चर्चा बहुत की है, आगे किसी और दिन फिर कर लेंगे। आज बस आपकी बात करते हैं। आप बस इतना बताईये कि किसी भी साधु-सन्यासी (जिससे आप परिचित तक नहीं) की किसी स्त्री की ओर देखते हुए...या कुछ अन्य जेस्चर दिखाते हुए और उनकी खिल्ली उड़ाते शब्दों के साथ पिक्स शेयर करते हुए आप किस मानसिकता का परिचय दे रहे होते हैं?
    एक पिक्चर मात्र ( जिसमें कोई जेस्चर क्लिक करते समय अनजाने में किसी भी वजह से बन सकता है। जिसे आप अपनी मर्जी से कहीं भी प्रोजेक्ट कर देते हैं। ) से आप किसी के भी चरित्र का सम्पूर्ण बखान कर सकते हैं? और क्या किसी की साधुता या ब्रह्मचर्य की परिभाषा आप इससे करते हैं कि वह किसी स्त्री को देख भी नहीं सकता...छू भी नहीं सकता...बात भी नहीं कर सकता?
  • श्रेणियां मात्र सुविधा के लिए होती है...लेकिन जो लोग खुद को श्रेणियों में घनघोर रूप से विभाजित करते लगते हैं, वे सभी बस अपने ही प्रतिबिम्बों के विरुद्ध खड़े होने लगते हैं।  
  • अहंकार इतने सूक्ष्म छिद्रों से हमारे भीतर प्रवेश कर जाता है कि हमें खुद पता नहीं चलता। यहाँ तक कि अहंकार न होने का अहंकार भी निर्मित हो सकता है। कभी-कभी हमें पता भी होता है पर हम इग्नोर कर जाते हैं। वस्तुत: हमारे होने का कारण अहंकार ही है। हाँ, जहाँ भी जरा सा अतिरेक होता है, यह दूसरों को स्पष्ट नज़र आने लगता है। लेकिन मिथ्यादृष्टि से सम्यकदृष्टि की इस यात्रा में इतने असंख्य स्थान हैं कि हम अहंकारी-निरहंकारी, सज्जन-दुर्जन, अच्छा-बुरा जैसे वर्गों में विभाजन कुछ समझने-समझाने की दृष्टि से तो कर सकते हैं (क्योंकि भाषा के पास और कोई तरीका नहीं) लेकिन किसी के बारे में निष्कर्ष बनाने की इस दृष्टि से हमें जितना संभव हो बचना चाहिए।
 
By Monika Jain 'पंछी'


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Quotes on Books in Hindi

पुस्तक पर सुविचार, किताब, पुस्तकालय. Books Our Best Friend Quotes in Hindi. Pustak Suktiyan, Kitab Slogans, Library Sms, Pustakalaya Status, Sayings, Proverbs.

Books Our Best Friend Quotes in Hindi

Books Quotes

  • किताबें तो बस एक बहाना है, पढ़ना तो दरअसल 'मन' ही है। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • किताबें सिर्फ मनोरंजन, ज्ञानार्जन और समय व्यतीत करने के लिए नहीं होती, जीवन निर्माण के लिए भी होती है। हमने घर में बहुत सुन्दर सी लाइब्रेरी बना रखी है। महान लेखकों की ढेरों पुस्तकें उसकी शोभा बढ़ाती है। हम पढ़ने के बहुत शौक़ीन हैं। गर्व से स्टेटस भी डालते हैं कि हमने ये किताब पढ़ी, वो पढ़ी। लेकिन क्या फायदा अगर उसका थोड़ा सा असर भी हमारे व्यक्तित्व में न नज़र आया? क्या फ़ायदा अगर हमने जो सीखा उसका सही उपयोग ही नहीं कर पाए? क्या फायदा? ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • अच्छी किताबें पढ़िए और अपने गुरु आप बनिए। न तो किसी गुरु की शरण में जाने की जरुरत रहेगी और न ही रहेंगे नित सुर्ख़ियों में रहने वाले ये गुरु! इस युग की आवश्यकता तो यही है। नहीं तो देखते रहिये धर्म, प्रेम, ईश्वर, माँ, पिता, बहन, भाई और भी न जाने कितने शब्दों की परिभाषाएं और मायने बदलते हुए। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • किताब कितनी अनोखी चीज है। यह पेड़ से बनी और लचीले हिस्सों वाली एक सपाट सी वस्तु है जिस पर रेंगने से बनी गहरी रेखाओं की तरह कुछ अजीबोगरीब छपा होता है। परन्तु बस एक नज़र डालने की देर है और आप एक दूसरे व्यक्ति के दिमाग में चले जाते हैं, भले ही वह व्यक्ति हजारों साल पहले ही चल बसा हो। सहस्राब्दियों के फासले के बावजूद लेखक आपके मस्तिष्क से स्पष्ट और गुपचुप तरीके से बातें कर रहा होता है, वह सीधे आपसे बातें कर रहा होता है। लेखन शायद मनुष्य का महानतम अविष्कार है, जो ऐसे एक दूसरे से अनजान दो भिन्न युगों में रहने वाले नागरिकों को एक डोर से बाँध देता है। किताबें समय की बेड़ियों को तोड़ देती हैं। किताब एक जिंदा सबूत है कि मनुष्य जादू करने में सक्षम है। ~ कार्ल सैगन / Carl Sagan 
  • जो पुस्तकें आपको सबसे ज्यादा सोचने के लिए मजबूर करती हैं, वही पुस्तकें सबसे ज्यादा सहायता भी करती हैं। ~ थियोडोर पार्कर / Theodore Parker 
  • पुस्तकों का असली उद्देश्य मस्तिष्क को स्वयं का चिंतन करने के लिए बाध्य करना है। ~ सी मोर्ले / Christopher Morley 
  • दुनिया एक पुस्तक है और जो लोग यात्रा नहीं करते, वे केवल एक ही पृष्ठ पढ़ते हैं। ~ संत अगस्टीन / Saint Augustine 
  • जिन विषयों के गंभीर अध्ययन से मनुष्य का मस्तिष्क परिष्कृत और ह्रदय सुसंस्कृत होता है, उसमें समय लगता है और उसके लिए बाजार आसानी से नहीं मिलता है। ~ हजारी प्रसाद द्विवेदी / Hazari Prasad Dwivedi 
  • एक अच्छी किताब पढ़ने का पता तब चलता है, जब आखिरी पन्ना पलटते हुए आपको लगे कि आपने एक मित्र को खो दिया। ~ पॉल स्वीनी / Paul Sweeney 
  • किताब के आदमी बनावटी बात करते हैं। वे जिन बातों पर हँसते-रोते हैं, वे दरअसल हास्य रस और करुण रस की बातें होती हैं। किन्तु सचमुच का आदमी रक्त मांस का बना प्रत्यक्ष जीता-जागता आदमी है और वही उसकी प्रत्यक्ष जीत है। ~ अज्ञात / Unknown 
  • सभी अच्छी पुस्तकों को पढ़ना पिछली शताब्दियों के बेहतरीन व्यक्तियों के साथ संवाद करने जैसा है। ~ रेने डकार्टेस / Rene Descartes 
  • लोगों को मारा जा सकता है, लेखकों को भी। लेकिन किताबों को मारना संभव नहीं। ~ अमोस ओज / Amos Oz 
  • बिना ग्रंथों का कक्ष बिना आत्मा की देह है। ~ शरण / Sharan 
  • मैं नरक में भी उत्तम पुस्तकों का स्वागत करूँगा, क्योंकि इनमें यह शक्ति है कि जहाँ ये होंगी, वहां अपने आप ही स्वर्ग बन जायेगा। ~ लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक / Bal Gangadhar Tilak 
  • किताबों में इतना खजाना छुपा है, जितना कोई लुटेरा कभी लूट नहीं सकता। ~ वाल्ट डिजनी / Walt Disney

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Wednesday, July 27, 2016

Love Poem for Him in Hindi

पहला प्यार कविता, अजनबी शायरी. My First Love Feelings Poem for Him in Hindi. Pehla Pyar Shayari Lines, Ajnabi Kavita, Stranger Memories Poetry, Sms, Status.

पहला प्यार

बीते लम्हें, बीते दिन
और बीते हैं कई साल
पर मेरी यादों में अब भी
बसते तेरे ख़याल।

आया था बन अजनबी
लगता था फिर भी जाना सा
रिश्ता न था तुझसे कोई
फिर भी था पहचाना सा।

साँसों को सुर दे जाता था
तेरा सपनो में आना
सांझ की धीमी पुरवईयां बन
जुल्फों को बिखराना।

रोक न पाई तुझको मैं
करके कोई बहाना
पहले प्यार का ये अहसास
मुझको था तुझे बताना।

By Monika Jain 'पंछी'

Watch and listen the video form of this poem about first love in my voice. 



Sunday, July 24, 2016

Poem on Gender Equality in Hindi

नर नारी एक समान. Poem on Gender Equality in Hindi. Ling Bhed par Kavita, Sex Discrimination, Males Females Inequality, Women Sensitization, Bias Slogans.

समानता मैं तब मानूंगी...

मुझे पुरुष के बराबर हक़ दिलाने की
बातें चल रही है न जाने कब से।
पर एक बात मैं कहना चाहती हूँ
आप सबसे -

जमाना ख़राब है...यह कहकर
न जाने कितने प्रतिबन्ध
लगे हैं मुझ पर अब तक।
समानता मैं तब मानूंगी -
जब घर से अकेले कॉलेज जाने तक
नहीं घूरेंगी मुझे गिद्ध दृष्टियां एकटक।

रात के अँधेरे में भी
जब चल सकूंगी मैं बेख़ौफ़!
समानता तो तभी होगी
जब नहीं सताएगा मुझे कोई खौफ।

‘लड़की हो’, यह कहकर
नहीं किया जायेगा कोई भेदभाव।
भाई की इच्छाओं के आगे
नहीं स्वीकारना होगा मुझे कोई अभाव।

सिर्फ कानून नहीं दिला सकता
मुझे समानता का अधिकार।
इसके लिए जरुरी है
संकीर्ण मानसिकता का बहिष्कार।

By Monika Jain 'पंछी'

To read the english version of this poem about gender equality click here
 
 

Saturday, July 23, 2016

Respect Quotes in Hindi

आदर, मान-सम्मान, अभिवादन. Respect Quotes in Hindi. Respecting Others Status, Regards Sms, Honor Slogans, Maan Samman Proverbs, Disrespect Sayings, Messages.

Respect Quotes

  • काश! यहाँ सबको स्वस्थ चर्चा का मतलब पता होता. इसी के चलते न्यूज़ फीड में आने वाली वे सभी पोस्ट्स जिनसे सहमति नहीं होती उन पर कुछ भी विचार व्यक्त करना तो लगभग कभी का छोड़ दिया था...पर अब जब हमारी अपनी पोस्ट पर आये कमेंट्स के प्रत्युत्तर में जरा सी असहमति भी बर्दाश्त नहीं कर पाते लोग तो लगता है किसी को व्यक्तिगत रूप से असहमति जताने का कोई मतलब रहा ही नहीं. यहाँ जो दिन रात प्रेम और विनम्रता की बातें करते हैं उनका अहंकार भी जरा सी असहमति से भयंकर क्षतिग्रस्त हो जाता है और कुतर्कों का कोई अंत ही नहीं. ऐसे आरोप जो समझ ही नहीं आता खुद पर लगा रहे हैं या सामने वाले पर. काश! कभी ऐसी चर्चाएँ भी देखने को मिलती जहाँ मुख्य उद्देश्य कुछ नया सृजित करना होता. जहाँ हार या जीत कोई प्रश्न नहीं होती और न ही खुद को किसी भी कीमत पर सही सिद्ध करने की होड़. जहाँ सामने वाले को नीचा दिखाने की भावना नहीं होती और न ही जरा सी असहमति की वजह से किसी के पूरे जीवन, चरित्र और भविष्य के निर्धारण के उद्घोष. काश! चर्चाएँ कुछ नया सीखने-सिखाने, समझने और समझाने के लिए ही होती...और अगर चर्चा किसी सहमति या निर्णय पर खत्म न हो पाए तब ससम्मान अपने-अपने विचारों के साथ उसका अंत. पर ये काश! अक्सर काश ही रह जाते हैं न. ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • विरोधी का भी सम्मान करना और विरोधी होकर भी सम्मान पा लेना...दोनों ही अद्भुत गुण है. ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • सम्मान सिर्फ व्यक्तियों का नहीं, जीवों का नहीं, वस्तुओं का भी होना चाहिए. ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • विचारशील व्यक्ति को हर जगह सम्मान मिलता है. ~ सोफोक्लेस / Sophocles 
  • मनुष्य को जिन बातों की बुनियाद पर समाज में इज्जत मिलती है, उन बुनियादों का नाम मूल्य है. मूल्यों के प्रधान लक्षण हैं ~ प्रमाणिकता, सच्चाई और ईमानदारी. ~ दादा धर्माधिकारी / Dada Dharmadhikari 
  • कोई आपकी मर्जी के बिना आपको नीचा नहीं दिखा सकता. ~ ऐलेनॉर रूजवेल्ट / Eleanor Roosevelt 
  • यदि आप अपनी प्रतिष्ठा का सम्मान करते हैं तो अच्छे गुणों से संपन्न लोगों के साथ जुड़िये, क्योंकि बुरी संगत में रहने से अच्छा अकेले रहना है. ~ जॉर्ज वाशिंगटन / George Washington 
  • किसी का अपमान करने का तात्पर्य हमारे भीतर अहम् की स्थिति का होना होता है. ~ अज्ञात / Unknown 
  • सम्मान वही दे सकता है जिसके जीवन में विनय हो. ~ अज्ञात / Unknown 
  • अगर आपके पास देने के लिए कुछ भी ना हो तो कोई बात नहीं, निराश मत होइए. आप धन नहीं दे सकते पर सम्मान तो दे सकते हैं. ~ अज्ञात / Unknown 
  • आपका सम्मान भरा व्यवहार, आपकी प्यार से सनी पगी मधुर मुस्कराहट किसी भी व्यक्ति के दुःख को दूर कर लेती है. ~ अज्ञात / Unknown

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Tuesday, July 19, 2016

Story of Two Sisters in Hindi

दो बहनों की कहानी, ईर्ष्या बाल कथा, बहन. Story of Two Twins Sisters in Hindi for Kids. Jealous Sister Moral Tale, Jealousy, Envy, Do Behno ki Kahani, Behan.
 
Story of Two Sisters in Hindi
 
रीना और टीना 
(बालहंस में प्रकाशित)

रीना और टीना दोनों जुड़वा बहनें थी पर स्वभाव से बिल्कुल अलग. रीना जहाँ शांत, मृदु और कोमल स्वभाव की थी वहीं टीना बहुत शैतान थी. दोनों आठवी क्लास में पढ़ती थी. रीना पढ़ाई में बहुत होशियार थी और हमेशा क्लास में अव्वल आती थी. जबकि टीना पढ़ाई की चोर थी. वह सजने-सँवरने, खेलने-कूदने और शैतानी में ही सारा समय निकाल देती थी. उसकी शैतानियों की वजह से उसके मम्मी पापा, टीचर और पड़ौसी सभी परेशान थे. हर रोज कोई न कोई उसकी शिकायत लेकर आ जाता था. मम्मी पापा कभी उसे प्यार से समझाते और कभी डांटते पर उस पर कोई असर न होता. जबकि रीना हमेशा अपने मम्मी पापा का कहना मानती और मन लगाकर पढ़ाई करती. इसलिए घर, स्कूल, पड़ौस हर जगह रीना की ही तारीफ होती.

टीना को बहुत बुरा लगता जब हर कोई रीना की ही तारीफ करता. वह सोचती सभी रीना से ही प्यार करते हैं मुझे कोई नहीं चाहता. वह मन ही मन रीना से कुढ़ने लगी थी. उसका रीना से व्यवहार अच्छा नहीं था और हमेशा वह रीना को नीचा दिखाने की कोशिश में रहती.

परीक्षा के दिन आने वाले थे. रीना हमेशा की तरह बहुत मेहनत कर रही थी. वह एक कॉपी में सभी विषयों के संक्षिप्त नोट्स बनाती जा रही थी ताकि परीक्षा के समय वह इन नोट्स को पढ़ सके जिससे उसके समय की भी बचत हो और वह ज्यादा भी पढ़ पाए.

टीना जब रीना को पढ़ते हुए देखती तो मन ही मन जल जाती. वह सोचती इस बार भी अगर ये अव्वल आएगी तो सभी इसकी तारीफों के पुल बांधते न थकेंगे. परीक्षा शुरू होने के एक दिन पहले टीना ने रीना की वह कॉपी छिपा दी जिसमे उसने सभी विषयों के नोट्स बनाये थे.

रीना ने कॉपी बहुत ढूंढी पर उसे कहीं भी न मिली. वह बहुत परेशान हो गयी क्योंकि उसकी सारी मेहनत बेकार चली गयी थी.

मम्मी ने टीना से पूछा, ‘बेटा तुमने रीना की कॉपी कहीं देखी है?’

टीना झल्ला उठी और बोली, ‘मां, मुझे इसकी कॉपी से क्या मतलब है? मैंने कहीं नहीं देखी.’

रीना को जब कॉपी नहीं मिली तो वह किताब लेकर ही पढ़ने बैठ गयी और रात भर जागकर उसने पढ़ाई की. उसके पेपर अच्छे जा रहे थे.

आज गणित का पेपर था. मम्मी ने दोनों का ज्यामेट्री बॉक्स तैयार करके दोनों को दे दिया. रीना तैयार होकर हॉल में बैठी टीना का इंतजार कर रही थी. टीना ने तैयार होने में देर लगा दी तो मम्मी ने उसे आवाज़ दी और कहा, ‘टीना जल्दी नीचे आओ वरना पेपर के लिए लेट हो जाओगी.’

टीना ने अपना बैग उठाया और नीचे आ गयी और दोनों बहने स्कूल के लिए निकल गयी.

स्कूल पहुँचते ही परीक्षा कक्ष में पहुँचने की घंटी बज गयी. टीना ने ज्यामेट्री बॉक्स निकालने के लिए बैग खोला पर बॉक्स वहां नहीं था. तभी उसे याद आया की वह तो अपना बॉक्स बेड पर ही भूल गयी है. टीना बहुत डर गयी. सभी बच्चे परीक्षा कक्ष में जा चुके थे. जब रीना को पता चला तो उसने तुरंत अपना बॉक्स टीना को दिया और कहा, ‘तुम क्लास में जाओ मैं अभी बॉक्स लेकर आती हूँ.’

‘पर घंटी तो बज चुकी है’, टीना ने कहा.

‘कोई बात नहीं मैं जल्दी ही आ जाउंगी’, यह कहकर रीना घर के लिए निकल गयी.

टीना क्लास में पहुँचकर अपना पेपर करने लगी.

रीना को वापस आने में २० मिनट लग गए. जब वह परीक्षा कक्ष में पहुंची तो टीचर ने उसे लेट आने के लिए बहुत डांटा. पर वह चुपचाप अपनी सीट पर आकर पेपर करने लगी.

टीना ने जब ये सब देखा तो उसे बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई. उसने सोचा, ‘जो बहन उससे इतना प्यार करती है उसने उसी के मेहनत से बनाये नोट्स छिपा दिए थे.’ उसे अपनी गलती और व्यवहार पर बहुत पछतावा हुआ.

पेपर ख़त्म होने के बाद जब दोनों बाहर मिले तो टीना रीना के गले लिपट गयी और रोते रोते बोली, ‘तुम कितनी अच्छी हो रीना! मेरे लिए तुमने अपनी परीक्षा की भी परवाह नहीं की और मैं इतनी बुरी हूँ कि मैंने तुम्हारे इतनी मेहनत से बनाये नोट्स छिपा दिए. प्लीज मुझे माफ़ कर दो.’ टीना के मन की सारी नफरत उसके आंसुओ के साथ बह गयी.

आज पहली बार टीना ने अपनी बहन रीना को गले लगाया था. रीना की आँखों में ख़ुशी के आंसू आ गए. उसने टीना का किया सब कुछ भुला दिया क्योंकि इतने दिनों बाद उसे अपनी बहन जो मिल गयी थी. दोनों ख़ुशी ख़ुशी घर चले आये.
 
By Monika Jain 'पंछी'

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Monday, July 18, 2016

Evil Quotes in Hindi

बुराई, शोषण, अवगुण, दुर्गुण, दोष, दुराचार, दुष्टता. Evil Quotes in Hindi. Badness, Bad, Harm, Burai, Exploitation, Demerits, Shoshan, Devil, Misconduct Status.
 
Evil Quotes

  • बुराई एक बेहतर शिक्षक सिद्ध हुई। उसने हमेशा सिखाया - जो तुम्हें बुरा लग रहा है, दूसरों के साथ मत करना। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • शोषित श्रेणियों से अधिक शोषण को परिभाषित करने की आवश्यकता है । श्रेणियां बदल जाती है पर शोषण यथावत बना रहता है। इसलिए जरुरी है शोषण को जाना जाए, उसके कारणों को जाना जाए और उसे मिटाने के उपायों पर चर्चा हो। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • अच्छा क्या है, इसे सीखने के लिए हजार दिन भी कम हैं लेकिन बुरा क्या है, इसे सीखने के लिए एक घंटा भी ज्यादा है। ~ चीनी कहावत  
  • बुराई के बीज चाहे गुप्त से गुप्त स्थान पर बोओ, वह स्थान चाहे किले की तरह सुरक्षित ही क्यों ना हो, पर प्रकृति के अत्यंत कठोर, निर्दय, अपरिहार्य कानून के अनुसार तुम्हें ब्याज सहित कर्मों का मूल्य चुकाना होगा। ~ स्वामी रामतीर्थ / Swami Ramtirth 
  • सांप के दांत में विष रहता है, मक्खी के सिर में और बिच्छू की पूँछ में। किन्तु दुर्जन के पूरे शरीर में विष रहता है। ~ अज्ञात / Unknown 
  • अवगुण नौका के पेंदे में छिद्र के समान है। वह छोटा हो या बड़ा उसे एक दिन डुबो देगा। ~ अज्ञात / Unknown 
  • किसी अन्यायपूर्ण पद्दति को चुपचाप सहन करने का अर्थ होता है, उस पद्दति के साथ सहयोग करना। इस तरह दमित व्यक्ति भी उतना ही बुरा बन जाता है जितना कि दमन करने वाला। बुराई के साथ सहयोग करने की हमारी उतनी ही जिम्मेदारी है, जितनी अच्छाई के साथ सहयोग करने की। ~ मार्टिन लूथर किंग / Martin Luther King 
  • जब तक आप न चाहें तब तक आपको कोई भी ईर्ष्यालु, क्रोधी, प्रतिशोधी या लालची नहीं बना सकता। ~ Napoleon Hill / नेपोलियन हिल 
  • सार्वजानिक मामलों के प्रति उदासीनता की कीमत बुरे व्यक्तियों द्वारा शासन किया जाना है। ~ प्लेटो / Plato  
  • रूप, सौंदर्य, धैर्य, कांति और सर्व लक्षणयुक्त इस रावण में यदि अधर्म बलवान ना होता, तो यह देवलोक का भी स्वामी बन जाता। ~ वाल्मीकि रामायण
 
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Sunday, July 17, 2016

Poem on Ganga River in Hindi

गंगा नदी पर कविता, भागीरथी शायरी. Poem on Ganga River in Hindi for Kids. About Ganges, Bhagirathi Nadi par Kavita, Poetry, Slogans, Lines, Rhymes, Shayari.

 
Poem on Ganga River in Hindi
 
(1)

गंगा

इतना तरल हो जाऊँ
इतना विस्तृत हो जाऊँ
जितनी चपल हो
उतना शांत हो जाऊँ।
गंगा!
थोड़ा सा उतर आओ मेरे भीतर।

By Aman Tripathi

(2)

गंगा के प्रति

अखण्ड राग कोई चलता हो अनन्त तक
तिरता है मन गंगा की लहरों की तरह तरंगवत्
नेत्रगोलक की सीमा भर दृश्य पर्याप्त हैं
नृत्य करने पर विवश कर देने को गंगा
यूँ ही तो नहीं बहती…!

By Aman Tripathi

(3)

सिक्के की कीमत

ट्रेन पुल के ऊपर से गुजर रही थी।
कोई बोला -
ये काशी नदी है।
दूसरे ने कहा -
काशी नदी में सिक्का फेंक दो।
एक ने सिक्का फेंका
दूसरे ने प्रणाम किया।
मैं देख रहा था दूर
कि अभी कोई तैराक
तुलसी घाट से
'महादेऽऽऽऽव' बोलते हुए कूदेगा
और मैं बनारस जी लूंगा...
उस फेंके हुए सिक्के की कीमत दे के।

By Aman Tripathi

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Friday, July 15, 2016

Yaadein Shayari in Hindi

यादें शायरी, स्मृति पर कविता, याद. Yaadein Shayari in Hindi. Memories Poetry, Smriti Kavita, Yaad Poem, Memory Lines, Remember Sms, Quotes, Messages, Ghazal.
 
Yaadein Shayari in Hindi
 
स्मृतियाँ

स्मृतियाँ होती हैं हरियाली
और स्मृतियाँ होती हैं सूखी डाली भी।
तारीफों में बजती मीठी ताली
स्मृतियाँ होती हैं कड़वी गाली भी।

चैन-ओ-सुकूं और अमन का पैगाम
स्मृतियाँ होती हैं बड़ी बवाली भी।
सहलाती बालों को, उनींदा करती
स्मृतियाँ होती हैं नींद उड़ाने वाली भी।

मीठे पकवानों से भरी थाली
स्मृतियाँ होती हैं भूखे पेट सी खाली भी।
सवेरे की ताजगी और लाली
स्मृतियाँ होती हैं रातें काली भी।

कभी प्रश्नों का जवाब तो
कभी स्मृतियाँ होती हैं बड़ी सवाली भी।
अमृत सा मीठापन दे जाती
स्मृतियाँ होती हैं जहर की प्याली भी।

कभी मन करता है फिर से इन्हें जीने को
कभी परछाई भी दूर भाग जाना चाहती है।
पर न दरवाजा खटखटाती,
न तारीख़ और समय बताती
कभी भी आ जाती स्मृतियाँ
जाने क्या चाहती है?

By Monika Jain ‘पंछी’

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Thursday, July 14, 2016

Fear Quotes in Hindi

डर पर विजय, भय. Face the Fear Quotes in Hindi. Overcoming Phobia Sms, Facing Fright, Conquering Terror, Afraid of No One Status, Scared, Trembling, Horror.
 
Fear Quotes
 
  • अभय वही दे सकता है...जो खुद भयभीत न हो। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • जिस व्यक्ति के समक्ष बोलते समय आपको शब्द-शब्द के प्रति अतिसजग रहना पड़े, उसके साथ न आप ज़िन्दगी बिता सकते हैं और न ही दोस्ती निभा सकते हैं। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • वह इंसान कितना डरपोक होगा जो अपने कुकृत्यों को छिपाने के लिए, कुकृत्यों का अम्बार लगाता जाता है। मृत्यु का भय इंसान को क्या से क्या बना देता है। वह भी तब जबकि मृत्यु निश्चित है आज नहीं तो कल। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • डरो नहीं! क्योंकि कुछ खो देने का डर वाकई में खो देता है। ~ Monika Jain ‘पंछी’ 
  • डर के कारण जीवन में गलतियाँ होती हैं। ~ अल्बर्ट हुब्बार्ड / Elbert Hubbard 
  • यदि विश्व के समस्त जीवों के साथ मैत्री एवं करुणा का भाव रहे तो इस संसार से भय एवं आतंक का नाश हो सकता है। ~ अज्ञात / Unknown  
  • डर से भागने के बजाय अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध रहें। ~ वाल्ट व्हिटमेन / Walt Whitman 
  • संसार में दुःख का कारण भय ही है, यही सबसे बड़ा अन्धविश्वास है, यह भय हमारे दुःखो का कारण है। ~ स्वामी विवेकानंद / Swami Vivekananda  
  • जो कुछ आप कर सकते हैं या कर जाने की इच्छा रखते हैं, उसे करना आरम्भ कर दीजिये। निर्भीकता के अन्दर मेधा, बुद्धि, शक्ति और जादू होते हैं। ~ गोथे / Goethe 
  • जो पीड़ित होने से डरता है, वह दरअसल डर से पीड़ित रहता है। ~ अज्ञात / Unknown 
  • यदि आपको ईश्वर का भय है तो आपको इंसानों से भय नहीं रहेगा। ~ अल्बानियाई कहावत  
  • सबसे बड़ा भ्रम डर ही है। ~ लाओ जू / Lao Tzu 
  • मैंने ये जाना है कि डर का न होना साहस नहीं है, बल्कि डर पर विजय पाना साहस है। बहादुर वह नहीं जो भयभीत नहीं होता, बल्कि वह है जो इस भय को परास्त करता है। ~ नेल्सन मंडेला / Nelson Mandela
 
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Tuesday, July 12, 2016

Angoori Petha Recipe in Hindi

अंगूरी केसर पेठा बनाने की विधि. Angoori Petha Recipe in Hindi. How to Make Yellow Kesar Anguri Agra Kaddu Sweet, Ash Gourd Murabba Mithai, White Pumpkin Candy.

Angoori Petha Recipe in Hindi

अंगूरी पेठा


सामग्री :

पेठा फल : 1 किलोग्राम
चीनी : 700 ग्राम
चूने (100 ग्राम) या फिटकरी ( 2 मटर के दाने जितनी) का पानी
केसर या मीठा पीला या नारंगी रंग

विधि :

पेठे के फल को छीलकर व इसके बीज और मुलायम गुदा बाहर निकाल देंगे. अब बाकी भाग के 1-2 इंच के चोकोर टुकड़े काट लेंगे या फिर स्कूप की मदद से इसकी बॉल्स निकल लेंगे. अब इन टुकड़ों या बॉल्स में सुई या कांटे वाले चम्मच की मदद से जगह-जगह छेद कर देंगे. एक बर्तन में पानी लेकर उसमें दो मटर के दानों के बराबर फिटकरी मिलाकर घोल देंगे. फिटकरी की जगह चूने का पानी भी उपयोग में लाया जा सकता है. अब पेठे के टुकड़ों को इसमें डालकर 2 घंटे के लिए भिगो देंगे. पेठे पानी में डूबे हुए रहने चाहिए. अब दो घंटे बाद इन्हें निकालकर साफ पानी से तेज धार में धो लेंगे ताकि फिटकरी या चूने का अंश न बचने पाए. अब एक बर्तन में पानी लेकर उसके उबाल आने पर पेठे के टुकड़ों को डालकर इनके नर्म और पारदर्शी होने तक उबालेंगे. इसके बाद चलनी की सहायता से इस पानी को निकाल देंगे. अब एक दूसरे बर्तन में पानी लेकर उसमें चीनी, केसर या मीठा रंग मिला देंगे. एक तार की चाशनी बन जाने पर इसमें पेठे के टुकड़े डाल देंगे. सामान्य ताप पर आ जाने पर इन्हें कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रख देंगे. तब तक चाशनी भी पेठों में प्रवेश कर जायेगी. इसके बाद इन्हें खाने के लिए सर्व किया जा सकता है.

Instant Angoori Petha Recipe : अगर मेहमानों के आने पर झटपट अंगूरी पेठे तैयार करने हो तो इसके लिए बाजार से सूखे तैयार मीठे पेठे (½ kg) लाइए. अगर ये आकार में बड़े हैं तो इन्हें छोटे-छोटे चोकोर टुकड़ों में काट लीजिये. अब एक पतीली में 2 गिलास पानी लेकर इसके उबाल आने पर इसमें पेठे डाल दीजिये. इसी के साथ मीठा रंग या केसर की पात्तियां भी डाल दीजिये. अब इन पेठों को तब तक उबालिए जब तक की पानी चाशनी की तरह गाढ़ा न हो जाए. अब गैस बंद कर इसके सामान्य तापमान पर आने पर फ्रिज में ठंडा करके सर्व कीजिये.

By Monika Jain ‘पंछी’

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Monday, July 11, 2016

Essay on Prayer in Hindi

प्रार्थना पर निबंध. भक्ति, पूजा, समर्पण. Essay on Importance of Prayer to God in Hindi. Prarthana Nibandh. Bhakti, Puja, Devotion Article, Worship Paragraph.

Essay on Prayer in Hindi
 
प्रार्थना याचना नहीं अर्पणा है

यूँ तो घर में पूजा-पाठ का माहौल नहीं है, लेकिन घर या बाहर विशेष अवसरों पर कभी जब गणेश जी, लक्ष्मी जी, हनुमान जी आदि के भजनों, चालीसा, आरती आदि से मुख़ातिब होती थी तो मुझे इनके बोल कुछ अच्छे नहीं लगते थे। क्योंकि ज्यादातर ऐसे भजन और आरतियाँ हैं जिनमें अपने स्वार्थों की सिद्धि के लिए देवी-देवताओं को रिश्वत की पेशकश की गयी है। ऐसा लगता है जैसे बस अपने मतलब के लिए चापलूसी की जा रही हो। गुणों को बढ़ा-चढ़ा कर बताया जा रहा हो। देवी या देवता विशेष को सर्वश्रेष्ठ सिद्ध किया जा रहा है और बाकी सबको हीन। सारे जगत के देवी-देवताओं को पूजने वाले भक्त हनुमान जी को यह कहकर पागल बनाते हैं : “और देवता चित्त ना धरई, हनुमत सेई सर्व सुख करई।” एक बात समझ नहीं आती...हनुमान जी ऐसे तो नहीं होने चाहिए कि उन्हें दूसरों की पूजा करने से कोई आपत्ति हो। कई सारी पूजा-पाठ व व्रत पद्दतियां ऐसी हैं कि जिनमें कोई चूक हो जाने पर अनिष्ट का भय भी दिखाया गया है। ईश्वर ऐसे भी नहीं हो सकते कि वे हमें भयभीत करें।

आज आरती और चालीसा की एक किताब हाथ में आई। खोलकर पढ़ने लगी। कुछ पंक्तियाँ यहाँ उद्धृत कर रही हूँ :

बालाजी को ख़ुश करने के लिए :

तिहारे सिर पै मुकुट बिराजे, कानों में कुंडल साजै
गले बिराजै अनुपम हार, अनोखी तिहारी झांकी।
तिहारे नैन सुरमा साजै, माथे पै तिलक विराजै
मुख में नागर पान लगा है, अनोखी तिहारी झांकी।।

वैष्णो देवी को ख़ुश करने के लिए :

सुन मेरी देवी पर्वतवासिनी कोई तेरा पार न पाया।
पान, सुपारी, ध्वजा, नारियल ले तेरी भेंट चढ़ाया।।
सुवा चोली तेरे अंग विराजै केसर तिलक लगाया।
ब्रह्मा वेद पढ़े तेरे द्वारे, शंकर ध्यान लगाया।।

माँ संतोषी को ख़ुश करने के लिए :

जय संतोषी माता, जय संतोषी माता
अपने सेवक जन की सुख संपत्ति दाता।
सुन्दर चीर सुनहरी माँ धारण कीन्हों
हीरा, पन्ना दमके तन सिंगार लीन्हों।
गेरू लाल छटा छवि बदन कमल सोहे,
मंद हंसत कल्याणी त्रिभुवन मन मोहे।
भक्ति भाव माय पूजा अंगीकृत कीजै
जो मन बसै हमारे इच्छा फल दीजै।

दुर्गा चालीसा में :

कर में खप्पर खड्ग विराजै। जाको देख काल डर भाजै।।
सोहै अस्त्र और त्रिशूला। जाते उठत शत्रु हिय शूला।।
आशा तृष्णा निपट सतावै। मोह मदादिक सब विनशावें।।
शत्रु नाश कीजै महारानी। सुमिरो इक चित्त तुम्हें भवानी
दुर्गा चालीसा जो नर गावै। सब सुख भोग परम पद पावै।।

‘ॐ जय जगदीश हरे’ आरती में :

जो ध्याये, फल पावे, दुःख बिनसे मन का
सुख-संपत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे
विषय विकार मिटाओं, पाप हरो देवा ।

‘आरती श्री शिवजी की’ में :

त्रिगुण शिव की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे।।

ऊपर वर्णित विविध आरती और प्रार्थनाओं पर दृष्टि डालने पर कई सारे विरोधाभास और हास्याद्पद बातें झलक रही हैं, जिनमें से एक यह है कि एक और तो हम ईश्वर को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि वह मोह-माया, राग-द्वेष आदि से मुक्त है। दूसरी और हम उसकी पूजा इसलिए करते हैं क्योंकि हम उनसे अपने लिए सारे भोग, सुख और संपन्नता चाहते हैं। यहाँ कुछ लोग कहेंगे कि ईश्वर अलग है, वह निर्गुण है। देवी-देवता अलग होते हैं। उनकी पूजा मनवांछित फल पाने के लिए की जाती है और वे राग-द्वेष आदि से मुक्त नहीं होते। यह सत्य हो सकता है। लेकिन तब प्रश्न यह उठता है कि अपने उचित-अनुचित सभी स्वार्थों की सिद्धि के लिए प्रार्थना को हम धर्म या भक्ति का नाम कैसे देते हैं?

धन, संपत्ति, सुख, वैभव कोई भी कामना गलत नहीं कही जा सकती है। किन्तु ये सब अहंकार को मजबूत करने वाले साधन है। अहंकार को बढ़ाने वाले साधनों को आध्यात्म, धर्म या प्रार्थना के साथ जोड़ना उचित नहीं लगता। भौतिक जगत के सुखों की भिक्षा मांगने को प्रार्थना कह देना और खुद को धार्मिक समझ लेना कुछ अजीब सा है। इसी तर्ज पर आज धर्म व्यापार बन बैठा है।

बचपन में स्कूल में सप्ताह के हर दिन अलग प्रार्थना गायी जाती थी। तब मुझे एक प्रार्थना का बेसब्री से इंतजार रहता था : “इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो न...हम चले नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो न।” सारी प्रार्थनाओं में बस एक यही मुझे सबसे अच्छी लगती थी...और सारे मन्त्रों में से ’नवकार मन्त्र’ जिसमें केवल गुणों को पूजा गया है, किसी भी नाम को नहीं, ताकि वे गुण हमारे भीतर उतर सके और हम निर्गुण स्वरुप को प्राप्त हो सके। हालाँकि कोई प्रार्थना विशेष मेरी दिनचर्या का अंग नहीं है लेकिन आज भी कभी किसी मंदिर में जाना होता है या मूर्ति के समक्ष हाथ जोड़ती हूँ तो कुछ भी मांग नहीं पाती। अब तो अपनी तकलीफों और संघर्ष को दूर करने के लिए भी कोई अर्जी भगवान को नहीं भेजती। ईश्वर के सामने जाकर कुछ माँगना ऐसा ही है जैसे हम ईश्वर को निर्देश दे रहे हैं या सिखा रहे हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। खैर! ऐसी कई प्रार्थनाएं और मन्त्र और भी हैं जिनमें निहित भावों को ईश्वर की सच्ची प्रार्थना की श्रेणी में रखा जा सकता है। जहाँ हम खुद को पूर्ण समर्पित कर स्वयं वही बन जाना चाहते हैं जिसकी हम पूजा करते हैं।

भक्तियोग भी वही मार्ग है। यहाँ मीरा, सूरदास, रसखान आदि द्वारा अपने आराध्य की लीलाओं या रूप छवि के वर्णन की आलोचना मैं नहीं कर रही क्योंकि वह आध्यात्म का एक अलग मार्ग है जहाँ आप हर जगह अपने इष्ट को ही देखने लगते हैं। और हर हाल में इष्ट का स्थान आपसे महत्वपूर्ण होता है। साकार भक्ति का यह रूप पूर्ण समर्पण है जहाँ भक्त अपने भगवान के साथ एकाकार हो जाना चाहता है। प्रार्थना वास्तव में मिटने की आकांक्षा ही हो सकती है, अहम् को मजबूत करने की नहीं। प्रार्थना में भोग की कामनाएं या इच्छाएं नहीं हो सकती। लड्डू, पेड़े आदि की घूस नहीं हो सकती। चापलूसी नहीं हो सकती।

मंदिर, मस्जिद, पूजा-पाठ की विविध सामग्रियां, आसन, मन्त्र, दिशा ये सब प्रारम्भिक साधन या पद्दतियां हो सकती है ताकि प्रार्थना हमारी जीवन चर्या में शामिल हो जाए। साथ ही इन सबका अपना-अपना विज्ञान है। लेकिन वास्तव में प्रार्थना के लिए इन सबका होना जरुरी नहीं है। ज्यों-ज्यों अहंकार का विसर्जन होता जाता है त्यों-त्यों हर पल प्रार्थना बनता जाता है।

लेकिन हम अगर अपने इष्ट को सिर्फ अपनी इच्छाओं को पूरा करने, तकलीफों को दूर करने, मोटर, गाड़ी, बंगला दिला देने के लिए ही याद करते हैं तो प्रार्थना का यह स्तर अच्छा नहीं है। प्रार्थना एक ऐसा गुण है जिसमें भक्त को स्वर्ग, सुख-संपत्ति किसी की कामना नहीं होती, वह बस अपने आराध्य में लीन हो जाना चाहता है...और मिट जाना या विसर्जित हो जाना कोई आकांक्षा नहीं होती, यह तो सभी आकांक्षाओं का खत्म होना है। संक्षेप में प्रार्थना याचना नहीं अर्पणा है, स्वयं की अर्पणा
By Monika Jain ‘पंछी’
 
 
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Akbar Birbal Stories in Hindi

अकबर बीरबल बुद्धिमता की कहानियां, रोचक किस्से, कथा, कहानी. Akbar Birbal Stories in Hindi for Kids. Beerbal ke Mazedar Rochak Kisse, Kahaniyan, Tales, Katha.

(1)

रंग का राज

एक बार बीरबल बादशाह अकबर के दरबार में देर से पहुंचे। उन्होंने देखा कि बादशाह सहित सभी दरबारी हंस रहे हैं। उन्होंने बादशाह से पूछा, ‘बादशाह सलामत, आप सभी क्यों हंस रहे हैं?’

अकबर को मसखरी सूझी। उन्होंने कहा, ‘कोई खास बात नहीं बीरबल, हम लोग अपने रंग के बारे में बात कर रहे थे। जैसे ज्यादातर दरबारी गौरे हैं। मैं स्वयं गौरा हूँ लेकिन तुम्हारा रंग हमसे काला क्यूँ हैं?’

बीरबल भी कम नहीं थे। उन्होंने हमेशा की तरह तुरंत जवाब दिया, हुजुर, ‘आप मेरे रंग का राज नहीं जानते इसलिए ऐसा पूछ रहे हैं।’

बादशाह अकबर ने उत्सुकता से पूछा , ‘कैसा राज बीरबल?’

बीरबल ने बताया, हुजूर माफ़ करें। जब भगवान् ने संसार की रचना की तो पेड़-पौधे, पशु-पक्षी बनाकर संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने फिर मानव बनाया। वे उसे देख बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने फिर सभी मनुष्यों को रूप, बुद्धि तथा धन देने का विचार किया और प्रत्येक को पांच मिनट का समय देते हुए कहा कि वे अपनी रूचि से कुछ भी ले सकते हैं। तो हुजूर मैंने अपना सारा समय बुद्धि इकट्ठी करने में लगा दिया। बाकी चीजों को लेने का समय ही नहीं बचा था। आप सभी ने रूप और धन इकट्ठा करने में सारा समय लगा दिया। अब बाकी के लिए क्या कहूँ? आप ही समझ लीजिये।’

सारे दरबारी बीरबल की बात सुनकर सन्न रह गए। बादशाह अकबर बीरबल की बात समझ गए और उनकी हाजिर जवाबी पर खिलखिला कर हंस पड़े।

(2)

सर्वश्रेष्ठ आयुध

एक बार बादशाह अकबर ने बीरबल से सवाल किया, ‘सबसे अच्छा आयुध कौनसा है? खड़ग, भाला, तोप या फिर तलवार?’

बीरबल ने कहा, ‘हुजूर, सभी हथियार अपनी जगह उत्तम है, किन्तु एक ऐसे आदमी के लिए जो समय के अनुसार सही सोच सकता है उसके लिए आयुध कोई समस्या नहीं है। वह अपने तेज दिमाग का प्रयोग कर किसी को भी आयुध की तरह इस्तेमाल कर सकता है।’

बादशाह बोले, ‘यह बकवास है। ऐसा कैसे संभव हो सकता है?’

बीरबल ने कहा, ‘हुजुर, सही समय आने पर सत्य प्रकट हो जायेगा।’

अगले ही दिन अकबर और बीरबल अपने कुछ सिपाहियों के साथ घूमने निकले। उन्होंने कुछ लोगों को घबराये हुए उन्हीं की ओर भागकर आते हुए देखा। बीरबल ने एक को रोककर भागने का कारण पूछा तो उसने बताया कि राजभवन का एक हाथी जंजीर तोड़कर मार्ग पर आ गया है और रास्ते में आने वालों को मार रहा है। अभी वह इसी तरफ आ रहा है।

तभी हाथी के चिंघाड़ने की आवाज़ सुनाई दी। अकबर ने अपनी तलवार निकाली और इसी के साथ बाकी सभी सेनिकों ने भी अपनी-अपनी तलवारें निकाल ली। लेकिन वे सभी जानते थे कि हाथी का सामना इन तलवारों से नहीं किया जा सकता है। सभी असहाय से बीरबल की ओर देखने लगे।

बीरबल उस समय दीवार पर सोयी एक बिल्ली को देख रहे थे। वे धीरे से गए और बिल्ली को पकड़ लाये। जैसे ही हाथी आया उन्होंने बिल्ली को हाथी की पीठ पर फेंक दिया। बिल्ली डर के मारे हाथी की पीठ पर पंजे मारने लगी। हाथी ने उसे ज्यों ही अपनी सूंड से पकड़ना चाहा, वह कूदकर भाग गयी और झाड़ियों में छिप गयी। हाथी उसे पकड़ने के लिए उसके पीछे भागने लगा। इस तरह सभी की जान बच गयी।

अकबर ने बीरबल से कहा, ‘शाबाश बीरबल, तुमने हाथी से रक्षा के लिए एक बिल्ली का आयुध के रूप में उपयोग किया। तुमने बिल्कुल सही कहा था कि हथियार का चुनाव समय और परिस्थिति पर निर्भर करता है।’ यह कहकर उन्होंने मुस्कुराते हुए बीरबल का अभिनन्दन किया।

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Wednesday, July 6, 2016

Love at First Sight Poem in Hindi

पहली नज़र का प्यार, प्रेम कविता. Love at First Sight Poem in Hindi. Pehli Nazar Ka Pyar Shayari, Being Prem Quotes, Poetry, Messages, Sms, Status, Rhymes, Lines.

पहली नजर का प्यार

गर्मी के दिन
जब सूरज बरस रहा था बारिश सा
माँ लायी थी पास की दूकान से
बाल धोने को
मुलतानी मिट्टी के कुछ टुकड़े।

ज्यों ही मैंने खोलकर देखा उन्हें
कुछ देर विस्मय से
मुस्कुराती रही मेरी आँखें!
एक अद्भुत सौन्दर्य
को छिटकती वह मिट्टी
बहुत अपनी सी लगी थी मुझे।

भर आया था मेरा रोम-रोम
एक अनोखे आनंद और उल्लास से।
नहीं याद कभी मिट्टी को
देखा हो मैंने इस अहसास से।

पहली नज़र का प्यार
शायद ऐसा ही होता होगा न?

हालाँकि ऐसा नहीं था कि इससे पहले
घर में न लायी गयी हो या
न देखी हो मैंने कभी ऐसी मिट्टी,
पर इससे पहले शायद
न रही हो मेरे पास ऐसी दृष्टि।

इसलिए इसे कह देती हूँ मैं
पहली नज़र का प्रेम!

...और यकीन मानो!
जिस दिन पहली नज़र का यह प्रेम
हमें हो जाएगा प्रकृति के कण-कण से,
हर जीव-अजीव और हर क्षण से...
तो समझना
हम खुद ही हो गए हैं प्रेम

जब पत्थर, मछली, झींगुर, पेड़-पौधे
नदी और फुलवारी...
सब बन जायेंगे परछाईयां हमारी
तो समझना हमने
हारकर भी जीत ली है बाजियां...
सारी की सारी।

By Monika Jain ‘पंछी’

How is this poem about love at first sight?

April Fool Ideas in Hindi

अप्रैल फूल बनाने के तरीके. How to Make Fool Ideas in Hindi. Happy 1st April Day, Murkh Diwas, Funny Tips, Making Jokes, Pranks Tricks, Status, Sms, Messages.

कुछ अप्रैल फूल अच्छे होते है न?

दृश्य : 1

तुम अपने घर गए हुए थे और यहाँ मैं तुम्हारे वापस लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। जाने क्यों उन दिनों एक अजीब सी उदासी और बैचेनी ने मुझे घेर लिया था। शायद भविष्य अवचेतन में उतरने लगा था। दोस्त, पढ़ाई, कॉलेज कुछ भी काम नहीं कर रहा था, और रह-रहकर तुम्हारी याद आती और मैं रोने लगती। तुम्हारे सामने भी तो फोन पर कितना रोई थी। कुछ दिनों के इंतजार के बाद एक दिन जब तुम्हारा लौटना तय था तो तुमने अचानक कॉल करके कहा कि किसी जरुरी काम में फंस जाने की वजह से तुम आज नहीं आ रहे हो और कुछ दिन बाद आओगे। उदासी, तड़प और इंतजार को मजाक भला कहाँ रुचते हैं? मन तो जान ही गया था कि मुझे तंग करने का यह फिर तुम्हारा कोई बहाना है...सो मैंने भी कह दिया, ‘मैं आज ही घर जा रही हूँ। यहाँ मेरा जरा भी मन नहीं लग रहा।’ जो कहा वह इतने विश्वास और दृढ़ता से कहा कि तुम घबरा गए। मुझे बेवकूफ बनाने और तंग करने का तुम्हारा जो बड़ा सा प्लान था उसे भूलकर तुम एकदम से बोल पड़े, ‘अरे! तुम कहीं चले मत जाना। मैं मजाक कर रहा था। मैं आज ही आ रहा हूँ...और मैं आंसुओं से भरी आँखों के साथ हँसते हुए बोल पड़ी, ‘यू अप्रैल फूल! मैं तो कहीं नहीं जा रही थी।’ :p :)

दृश्य : 2

तुम्हें फिर एक मौका मिला। फिर तुम शहर से बाहर थे। इस बार रोई तो नहीं थी लेकिन शायद मन तुम्हारे बिना कहीं लगना भूल चुका था। तुम्हें याद है उन दिनों एग्जाम्स चल रहे थे। तुम्हारा और मेरा मेन स्ट्रीम एक ही था और हमारा पेपर कुछ दिन बाद था, तब ही तुम आने वाले थे। लेकिन तुम्हारे एक दोस्त का पेपर अगले ही दिन था। उसके साथ मिलकर मुझे चौंका देने की प्लानिंग तुम कर चुके थे। अगले दिन सुबह 6 बजे तुम्हारे दोस्त का कॉल आया, ‘मुझे IMSA पढ़नी है। अभी आ जाओ यहाँ?’ तबियत ठीक नहीं थी और इतनी सुबह वहां जाने का मन भी नहीं था, जहाँ तुम्हारे न होने से कुछ अच्छा भी नहीं लगेगा। मैंने थोड़ी आनाकानी की। लेकिन दोस्त ने कहा, ‘3 घंटे बाद पेपर है, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा। फेल हो जाऊँगा।’ मैं मना नहीं कर सकती थी और अनमने मन से वहां आ गयी। वह तैयार होने जा रहा था और मुझे रूम में बैठने को कहा।जैसे ही रूम खोला मैं चौंक पड़ी। वहां पर कृष्ण कन्हैया की सी मुस्कान लिए तुम बैठे थे। आँखें फिर आंसुओं से भर आई और मन जो कुछ देर पहले अनमना सा था फूलों सा खिल उठा और होठों पर तैर आई ढेर सारी हँसी...पीछे खड़े मुस्कुराते तुम्हारे दोस्त को इन आँखों ने थैंक यू कहा। क्योंकि कुछ अप्रैल फूल अच्छे होते है न? :)

Monika Jain ‘पंछी’
(01/04/2016)
 
April fools are good if they can bring smile on the face of our beloved ones. Feel free to share more ideas or experiences of 1st april. 

Monday, July 4, 2016

Diabetes Home Remedies in Hindi

डायबिटीज घरेलु उपचार, मधुमेह का इलाज. Diabetes Home Remedies in Hindi. Madhumeh Ka Upchar, Gharelu Nuskhe, Ayurvedic Ilaj. Sugar Control Natural Treatment.
 
Diabetes Home Remedies

  • डायबिटीज रोगियों के लिए बैलेंस्ड डाइट बहुत जरुरी है। दिन में तीन से चार बार करके उन्हें थोड़ा-थोड़ा खाना चाहिए और प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट का अच्छा कॉम्बिनेशन लेना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट से शुगर जल्दी बनती है और प्रोटीन शुगर को धीरे-धीरे रिलीज़ करता है जिससे पेट अधिक समय तक भरा रहता है और अधिक खाने से बच जाते हैं। 
  • डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए सुबह दस ताजे करी पत्तों का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। 
  • नीम की कच्ची कोंपल या नीम की पत्तियों की सुखाकर बनाया गए चूर्ण का सेवन भी डायबिटीज में उपयोगी है।  
  • कच्चा करेला छाया में सुखाकर पीस लें। सुबह भूखे पेट ताजे पानी के साथ 4-5 ग्राम चूर्ण का सेवन करना चाहिए। चिकनी और बादी वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • आम के पत्तों को एक गिलास पानी में उबालकर रातभर रख दें व सुबह छानकर खाली पेट सेवन करना मधुमेह में लाभकारी रहता है।  
  • जामुन की गुठलियों को सुखाकर, पीसकर सेवन करने से मधुमेह नियंत्रित होती है। 
  • एक से दो चम्मच मेथी रात में एक गिलास पानी में भिगोकर सुबह भूखे पेट खाने से मधुमेह नियंत्रित होती है। मेथी की सब्जी का सेवन भी किया जा सकता है।  
  • गेहूं, जौ, चने के आटे को मिलाकर बनायी गयी रोटी, प्याज, लहसुन आदि का सेवन मधुमेह में उपयोगी रहता है।  
  • फाइबर युक्त पदार्थों का सेवन लाभकारी रहता है। जैसे चोकर युक्त गेहूं का आटा, लोबिया, राजमा, स्प्राउट्स आदि का सेवन करना चाहिए। स्प्राउट्स में एंटीऑक्सीडेंट भी अच्छी मात्रा में होते हैं। 
  • दिन भर में मुट्ठी भर ड्राईफ्रूट्स का सेवन किया जा सकता है। 
  • घीया, करेला, खीरा, टमाटर, आंवला, एलोवीरा आदि का जूस फायदेमंद है।  
  • लो फैट दही और स्किम्ड/डबल टोंड दूध का सेवन करना चाहिए। ग्रीन टी पीना भी लाभदायक है।चाय के साथ हाई फाइबर फीके बिस्किट ले सकते हैं। 
  • जौ, सोया, राजमा, काला चना, ब्राउन राइस, मुंग की दाल और जामुन आदि का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है अत: ये लाभकारी हैं। ये पित्त के इमबैलेंस को भी कम करते हैं। 
  • उपरोक्त बताई गयी विविध चीजों को एक साथ न लेकर बदल-बदलकर सेवन करते रहना चाहिए व ब्लड शुगर की नियमित अन्तराल पर जांच करवाते रहना चाहिए।  
  • चीनी, गुड़, गन्ना, चॉकलेट, शहद, केक, आइसक्रीम, पेस्ट्री आदि मीठी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। तली-भुनी चीजों से भी परहेज करना चाहिए। 
  • मक्के का आटा, मैदा, सूजी, सफ़ेद चावल, वाइट ब्रेड, नूडल्स, पिज्जा, बिस्किट आदि के सेवन से बचना चाहिए। क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है। जिससे ये जल्द ही ग्लूकोज में बदल जाती हैं और बॉडी में शुगर लेवल एकदम बढ़ जाता है। इन्सुलिन के लिए अचानक बढ़े शुगर को नियंत्रित कर पाना मुश्किल होता है।  
  • फल जैसे आम, अंगूर, केला, चीकू, पाइनएप्पल, शरीफा आदि में शुगर अधिक होती है, इसलिए इनसे परहेज करना चाहिए। 
  • सब्जियाँ जैसे आलू, कटहल, अरबी, शकरकंद, चुकन्दर आदि में स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट की काफी मात्रा होती है। इन्हें उबालकर खाना तो ठीक है लेकिन फ्राई करके नहीं खाया जाना चाहिए। 
  • फलों के ज्यूस में शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है, इसलिए जूस के बजाय सीधे फल खाना बेहतर है। पैक्ड जूस से तो पूरा परहेज करना चाहिए।

Note : Consult your doctor before using any remedy stated here. If you are also aware about some more home remedies regarding diabetes then feel free to share here via comments.


Saturday, July 2, 2016

Jiva : Tattva Gyan : Jainism in Hindi

जीवों के प्रकार, जीव, सजीव, चेतन, तत्त्व ज्ञान, जैन दर्शन. Jiva Tattva Gyan in Jainism. Living Beings Hindi Essay, Types of Live Things, Chetan Jeeva, Soul.
 
जैन दर्शन : तत्व परिचय : जीव 
Jiva : Tattva Gyan : Jainism in Hindi
पिछली पोस्ट में हमने जैन दर्शन में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को जिन सात तत्वों में बाँटा गया है, उनके बारे में स्थूल रूप से पढ़ा था। इस लेख में हम सात तत्वों में से पहले तत्व ’जीव’ (Living Beings) का विस्तृत अध्ययन करेंगे। जीव अर्थात जिसमें भी चेतना, प्राण या आत्मा है। जैन दर्शन में जीवों की 84 लाख प्रजातियाँ बताई गयी है। सबसे सरल आधार पर जैन दर्शन में सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के जीवों को दो भागों में बाँटा गया है।
  1. मुक्त आत्मा (सिद्ध जीव / Liberated Soul) 
  2. अमुक्त आत्मा (संसारी जीव / Non Liberated Soul)
मुक्त जीव : वे आत्माएं जो सभी प्रकार के कार्मिक बंधनों को नष्ट कर जीवन और मृत्यु के चक्र से मुक्त हो चुकी हैं, उन्हें मुक्त जीव कहा जाता है।
 
अमुक्त जीव : वे आत्माएं जो कर्म बंधन के कारण जीवन और मृत्यु के चक्र में फंसी हुई है, उन्हें अमुक्त जीव कहा जाता है।

अमुक्त या संसारी जीवों को गति के आधार पर दो भागों में बाँटा जा सकता है।

  1. स्थावर जीव (अगतिशील / Non Mobile) (1 इंद्रिय जीव) 
  2. त्रस जीव (गतिशील / (Mobile) (2, 3, 4, 5 इंद्रिय जीव)
स्थावर जीव : जीव जो अपनी इच्छा अनुसार एक स्थान से दूसरे स्थान पर भ्रमण नहीं कर सकते, स्थावर जीव कहलाते हैं।

त्रस जीव : जीव जो अपनी इच्छा से एक स्थान से दूसरे स्थान पर गति कर सकते हैं, उन्हें त्रस जीव कहा जाता है।

स्थावर जीव पांच प्रकार के होते हैं :
  1. पृथ्वीकाय ( Earth Bodied) 
  2. अपकाय (Water Bodied) 
  3. तेउकाय / अग्निकाय (Fire Bodied) 
  4. वायुकाय (Air Bodied) 
  5. वनस्पतिकाय (Plant Bodied)
पृथ्वीकाय : पृथ्वी, मिट्टी, धातुएं, खनिज पदार्थ आदि जिनका शरीर होता है, वे पृथ्वीकाय कहलाते हैं। जैसे : मोती, पारा, सोना, चांदी, अभ्रक, फिटकरी, सोडा, मिट्टी, पहाड़ आदि। 

अपकाय : जीव जिनका शरीर जल के रूप में होता है, उन्हें अपकाय कहा जाता है। जैसे : कुएं का पानी, तालाब, समुद्र, झील, नदी, कुहासा, ओस, बर्फ, वर्षा का पानी आदि।

तेउकाय : जीव जिनका शरीर अग्नि के रूप में होता है, उन्हें अग्निकाय कहते हैं। जैसे : जलता हुआ कोयला, चिंगारी, ज्योति, बिजली आदि।

वायुकाय : जीव जिनका शरीर हवा होती है, उन्हें वायुकाय कहा जाता है। जैसे : हवा, तूफ़ान, आंधी, चक्रवात आदि।

वनस्पतिकाय : जीव जिनका शरीर वनस्पति के रूप में होता है, उन्हें वनस्पतिकाय कहा जाता है। जैसे : वृक्ष, फूल, फल, लताएँ आदि।

वनस्पतिकाय जीव दो प्रकार के होते हैं :
  1. साधारण वनस्पतिकाय 
  2. प्रत्येक वनस्पतिकाय
साधारण वनस्पतिकाय : जब एक ही शरीर में अनन्त आत्माएं निवास करती है तो उस वनस्पति शरीर को साधारण वनस्पतिकाय या अनंताकाय कहा जाता है। जड़ें या जमीकंद जैसे प्याज, लहसुन, गाजर आदि।
 
प्रत्येक वनस्पतिकाय : जब एक शरीर में एक ही आत्मा होती है तो ऐसे जीव प्रत्येक वनस्पति काय कहलाते हैं। जैसे : पेड़, पौधे, झाड़ियाँ, फल, फूल, पत्तियाँ आदि।

अमुक्त या संसारी जीवों को इन्द्रियों के आधार पर पांच भागों में बाँटा जा सकता है।

  1. एकेंद्रिय (One Sensed) 
  2. बेइन्द्रिय (Two Sensed) 
  3. तेइन्द्रिय (Three Sensed) 
  4. चउरिन्द्रिय (Four Sensed) 
  5. पंचेन्द्रिय (Five Sensed)
एकेंद्रिय : वे जीव जिनमें सिर्फ एक इन्द्रिय ’स्पर्शन इन्द्रिय’ (Sense of Touch) होती है, एकेंद्रिय जीव कहलाते हैं। इन्हें स्थावर जीव भी कहते हैं।

बेइन्द्रिय : वे जीव जिनमें दो इन्द्रियाँ ‘स्पर्शन’ व ’रसना’ (Sense of Taste) होती है, बेइन्द्रिय जीव कहलाते हैं। जैसे केंचुआ, लट्ट, बैक्टीरिया आदि।

तेइन्द्रिय : वे जीव जिनमें तीन इन्द्रियाँ ‘स्पर्शन’, ‘रसना’, ‘घ्राण’ (Sense of Smelling) होती है, तेइन्द्रिय जीव कहलाते हैं। जैसे दीमक, खटमल, चींटियाँ आदि।

चउरिन्द्रिय : वे जीव जिनमें चार इन्द्रियाँ ‘स्पर्शन’, ‘रसना’, ‘घ्राण’ व ’चक्षु’ (Sense of Sight) होती है, उन्हें चउरिन्द्रिय जीव कहते हैं। जैसे तितली, मच्छर, मक्खी, झींगुर आदि।

पंचेन्द्रिय : वे जीव जिनमें पांच इन्द्रियाँ ‘स्पर्शन’, ‘रसना’, ‘घ्राण’, ‘चक्षु’ व ’कर्ण’ (Sense of Hearing) होती है, पंचेन्द्रिय जीव कहलाते हैं। जैसे : मनुष्य, घोड़ा, गाय, शेर, कबूतर आदि।

पंचेन्द्रिय जीव भी दो प्रकार के होते हैं।

  1. संज्ञी 5 इंद्रिय जीव (Sentient) : जिनमें पांच इन्द्रियों के साथ मन भी होता है। 
  2. असंज्ञी 5 इंद्रिय जीव (Non Sentient) : जिनमें पांच इन्द्रियाँ होती है लेकिन मन नहीं होता है।  

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