Saturday, January 21, 2017

He She Conversation in Hindi

दो दोस्तों के बीच बातचीत, लड़का लड़की संवाद. He She Conversation in Hindi. Talks Between Girl & Boy, Two Friends Cute Funny Discussion, Lovely Convos, Chit Chat.
He She Conversation in Hindi
(1)

He : किसी के इश्क में होना रूई के फाहों के बीच होने जैसा है।

She : और खुद इश्क होना रूई का फाहा होना है। :)

 
(2)

He : तुम नदी हो।

She : डूब जाओगे। नाव का इंतजार करो।

He : तुम नदी और नाव दोनों हो।

She (मन ही मन में) : अब क्या बोलूं? :p

 
(3)

He : तुम्हारी बातें बहुत हाई लेवल की होती है। ज्यादा नहीं पच पाती।

She : इसलिए तो तुम्हें बोलने को कहती हूँ। तुम अपने लेवल की बात करो।

He : क्या बात करूँ, तुम ही बताओ।

She : मैं तो अपने लेवल की ही बताऊंगी न? अच्छा, तुम तो मुझे हमेशा बच्ची कहते हो। तो पहले तुम ये डीसाइड करो कि मैं हाई लेवल की हूँ या बच्चों के लेवल की।

He : तुम हाई लेवल की बच्ची हो। :p :D

 
(4)

He : दुनिया और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को छोड़कर मुक्ति की इच्छा एक बेहद स्वार्थी और अश्लील विचार है।

She : जितना मेरे नन्हें से दिमाग ने अब तक जाना है, आप दुनिया और अपने लिए इससे बेहतर कुछ भी नहीं कर सकते कि आप अपनी ओर से दुनिया में उत्पन्न प्रतिरोध (शारीरिक-मानसिक, प्रकट-अप्रकट) को न्यूनतम कर दें। अपनी जरूरतों और आवश्यकताओं को सीमित से सीमित कर दें। कुछ लोग आत्महत्या (जो कि आवेश में की जाती है) की सलाह देंगे। पर अफसोसजनक बात यह है कि वह प्रतिरोध को कम नहीं करता, वह तो बढ़े हुए प्रतिरोध का सूचक है।) क्योंकि इस दुनिया में कुछ भी खत्म नहीं होता। वह सिर्फ रूप बदलता है। बाकी किसी के मुक्त होने और मुक्त होने तक की प्रक्रिया स्वत: ही दुनिया के लिए बहुत कुछ कर जाती है।

 
(5)

कुछ आरोप इतने मासूम होते हैं कि उन्हें पढ़ते ही सबसे पहले सहज मुस्कुराहट आती है। :)

He : आपका कोई पोस्ट हटाना उस पोस्ट पर आये विचारों की हत्या है।

She : भई...हो सकता है मैं तो किसी दिन अकाउंट भी डिलीट कर दूँ। तब तो मैं बहुत बड़ी हत्यारण बन जाऊँगी। :)

 
(6)

He : कैसी हो?

She : अच्छी हूँ।

He : जब देखो तब बस अपनी तारीफ़ करवा लो।
:p :D

 
(7)

He : सलमान खान बाइज्जत बरी हो गया।

She : Who is Salman Khan?

Moral of the Story : इज्जत (जिन चीजों को दुनिया मुख्य रूप से देती है), उतनी ही दो जितनी बरी होते देखी जा सके और अफ़सोस न हो। बड़े और छोटे के भेद जितने गहरे होंगे परिणाम वैसे न होंगे तो और कैसे होंगे?